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सावधान उल्हासनगर! प्रॉपर्टी के उपयोग में बदलाव पड़ सकता है भारी: UMC ने जारी किए ‘चेंज ऑफ यूज’ के नोटिस

 

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा

उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) के मालमत्ता कर विभाग ने शहर के संपत्ति धारकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। हाल ही में किए गए सर्वे के बाद, उन संपत्तियों को ‘Pre-Notice’ (पूर्व-सूचना) जारी की जा रही है, जिनके उपयोग (Usage) में बदलाव पाया गया है। प्रशासन की इस सख्ती का सीधा असर नागरिकों की जेब पर पड़ने वाला है।

सर्वे में पकड़ा गया ‘उपयोग में बदलाव’ (Change of Usage)

महानगरपालिका द्वारा 6 जुलाई 2025 को किए गए एक विशेष सर्वे के दौरान कई ऐसी संपत्तियां मिलीं, जिनका उपयोग आधिकारिक दस्तावेजों से अलग पाया गया। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई संपत्ति आवासीय (Residential) दर्ज है लेकिन वहां व्यावसायिक (Commercial) गतिविधियां चल रही हैं, तो उसे ‘Change of Usage’ के दायरे में लाया गया है।


हालिया नोटिसों में GRID ID 117 जैसी संपत्तियों का उल्लेख है, जहाँ लगभग 111 वर्ग फुट क्षेत्र के उपयोग में बदलाव के कारण वार्षिक कर योग्य मूल्य (Annual Ratable Value) को बढ़ाकर ₹17,614 निर्धारित किया गया है।

आम जनता पर क्या होगा इसका प्रभाव?

जानकारों का मानना है कि यह कर निर्धारण ‘Capital Value Tax’ की दिशा में एक कदम हो सकता है। इसके दूरगामी परिणाम इस प्रकार होंगे:

  • बढ़ा हुआ प्रॉपर्टी टैक्स: उपयोग में बदलाव के कारण प्रॉपर्टी टैक्स की राशि में भारी बढ़ोत्तरी होगी।
  • पानी के बिलों पर असर: कर योग्य मूल्य (Ratable Value) बढ़ने के बाद, UMC द्वारा जारी किए जाने वाले पानी के बिलों में भी वृद्धि होने की पूरी संभावना है।
  • पिछला बकाया (Arrears): सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन वित्तीय वर्ष 2020-2021 से पूर्वप्रभावी (Retrospective) रूप से कर वसूली कर सकता है।

7 दिनों की समय सीमा: चूक गए तो होगी कानूनी कार्रवाई

UMC ने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज नहीं की गई, तो इसे स्वीकार्य माना जाएगा। इसके बाद महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम 1949 की धारा 150(अ) और 267(3) के तहत कठोर प्रशासनिक कार्रवाई और जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

“यह केवल एक मूल्यांकन नोटिस है, अंतिम बिल नहीं। नागरिकों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है।” – मालमत्ता कर विभाग, UMC

1.स्वामित्व प्रमाण: (7/12 उतारा, प्रॉपर्टी कार्ड या सेल डीड)

2.पहचान पत्र: (आधार या पैन कार्ड)

3.किरायानामा: (यदि संपत्ति किराए पर है)

4.बिल्डिंग दस्तावेज: (परमिशन कॉपी, ऑक्युपेंसी या कंप्लीशन सर्टिफिकेट)


अन्य: पूर्व कर रसीदें, बिजली बिल और संपत्ति का नक्शा।

जनहित में अपील: उल्हासनगर के नागरिक अपनी संपत्ति के दस्तावेजों की जांच करें और किसी भी विसंगति की स्थिति में तुरंत महानगरपालिका कार्यालय से संपर्क करें।

Shaurya Times

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