उल्हासनगर में अभय योजना की मांग: बकाया संपत्ति कर पर विलंब शुल्क माफी की गुहार।

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर में संपत्ति करदाताओं को राहत देने के लिए अभय योजना लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है। कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधियों ने शहर में बढ़ते बकाया संपत्ति कर और उस पर लगने वाले भारी विलंब शुल्क के मुद्दे को लेकर उल्हासनगर महानगरपालिका के कर निर्धारक से मुलाकात की।
इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक सोनवणे, परिवहन विभाग अध्यक्ष आबासाहेब साठे, मैत्री प्रतिष्ठान के अध्यक्ष शैलेंद्र रूपेकर, और साजिद शेख ने कांग्रेस की ओर से ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि कई संपत्ति धारकों पर कर बकाया होने के बावजूद, अत्यधिक विलंब शुल्क के कारण वे इसे चुका पाने में असमर्थ हैं।
ज्ञापन में खासतौर पर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों की समस्या को रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि ये निवासी संपत्ति कर चुकाने के लिए इच्छुक हैं, लेकिन विलंब शुल्क की ऊंची दरें उनकी आर्थिक स्थिति से बाहर हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि उल्हासनगर महानगरपालिका कुछ समय के लिए संपत्ति कर पर लगने वाले विलंब शुल्क को माफ करे और अभय योजना के माध्यम से करदाताओं को राहत प्रदान करे। इससे न केवल बकाया कर की वसूली तेज होगी, बल्कि करदाताओं का विश्वास भी बढ़ेगा।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक सोनवणे ने कहा, “बकाया कर पर भारी विलंब शुल्क लगने से लोग परेशान हैं। अगर अभय योजना लागू की जाती है, तो न सिर्फ करदाताओं को राहत मिलेगी, बल्कि महानगरपालिका को भी राजस्व में वृद्धि का लाभ होगा।”
अब महानगरपालिका पर दबाव है कि वह इस मांग पर सकारात्मक कदम उठाए। अभय योजना लागू होने से न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि शहर के राजस्व में भी इजाफा होगा।
क्या महानगरपालिका इस मांग को पूरा करेगी या करदाताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा? यह सवाल अब शहर में चर्चा का केंद्र बन गया है।