उल्हास नदी के किनारे शिव जयंती पर आयोजित भव्य आयोजन, त्रिवेणी संगम से लाए गए गंगा जल से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का जलाभिषेक।


उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा
19 फरवरी 2025 को उल्हास नदी के किनारे मोहना बंधारा शहाड़ में उमाई रक्षक दल द्वारा शिव जयंती बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों और शिवभक्तों की बड़ी संख्या उपस्थित रही, जिन्होंने उल्हास नदी पूजन के साथ श्री छत्रपती शिवाजी महाराज जी की आरती की।
शिव जयंती के इस खास मौके पर, राजू पाल और पीयूष वाघेला द्वारा प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से लाए गए गंगा जल से छत्रपती शिवाजी महाराज जी की प्रतिमा का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद, गंगाजल को उल्हास नदी में प्रवाहित कर नदी के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त की गई।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उल्हास नदी के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था, और इसके लिए उमाई रक्षक दल द्वारा किए गए इस पहल को व्यापक समर्थन मिला। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। शिवभक्तों और पर्यावरण प्रेमियों ने मिलकर इस दिन को ऐतिहासिक और समर्पण से भरा हुआ बनाया।
उमाई रक्षक दल के सदस्य सदैव उल्हास नदी के संरक्षण के लिए काम करते हैं और इस तरह के आयोजन नदी की पवित्रता को बनाए रखने और जनमानस में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं। इस पहल से जहां एक ओर शिवाजी महाराज की महिमा का सम्मान हुआ, वहीं दूसरी ओर नदी संरक्षण के संदेश को भी बल मिला।