उल्हासनगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर मनसे का कड़ा रुख, प्रशासन ने शुरू की नसबंदी प्रक्रिया।

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा
शहर में हिंसक और पागल कुत्तों की बढ़ती संख्या से नागरिकों में भय का माहौल है। हाल ही में तानाजीनगर, उल्हासनगर-1 में आवारा कुत्तों के हमले के कारण कई नागरिक घायल हो गए, जिसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी।
सोमवार, 11 फरवरी की सुबह करीब 9-10 बजे, तानाजीनगर इलाके में रहने वाली कोकिला जोगदंड और रंजना सोनवणे समेत छह लोगों को एक पागल कुत्ते ने काट लिया। इस हमले में जोगदंड और सोनवणे को गंभीर चोटें आईं, उनके पैरों के हिस्से बुरी तरह जख्मी हो गए। इससे पहले भी बीते सप्ताह इसी क्षेत्र में 22 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा था, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे।
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। मनसे के महानगर संघटक मैनुद्दीन शेख ने उल्हासनगर महानगरपालिका (उ.म.पा.) को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हिंसक कुत्तों पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया तो वे इन आवारा कुत्तों को स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में छोड़ देंगे। यह चेतावनी मीडिया में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से निजी ठेकेदारों के माध्यम से कुत्तों की नसबंदी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
महानगरपालिका के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पर यह जिम्मेदारी है कि वे शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाएं और नागरिकों को सुरक्षित रखें। स्थानीय लोग भी इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करने को तैयार हैं।
शहर में यदि कहीं भी हिंसक कुत्तों का खतरा हो तो नागरिक महानगरपालिका के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, मनसे पदाधिकारी और महाराष्ट्र सैनिक भी आम जनता की सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।
इस मौके पर मनसे के विभाग अध्यक्ष कैलास घोरपड़े, कैलास वाघ, संजय नार्वेकर, जगदीश माने और महाराष्ट्र सैनिक उपस्थित थे।