विदेशी पैसे का गोरखधंधा: उल्हासनगर में बैंकिंग घोटाले का पर्दाफाश कब?

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर शहर में एक बड़े बैंकिंग फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें कुछ एजेंट भोले-भाले लोगों को ₹10,000 से ₹15,000 का लालच देकर उनके नाम से बचत खाता खुलवाते हैं। इसके बाद, इन खातों में दुबई से लगभग ₹8,00,000 की रकम आती है और फिर अचानक खाते बंद कर दिए जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट में तीन से चार एजेंट शामिल हैं। इनमें से एक की ऑफिस उल्हासनगर-3 के ओ.टी. सेक्शन में स्थित है, जबकि दूसरा उल्हासनगर-1 में सक्रिय है और यह एक महिला बताई जा रही है। वहीं, तीसरा एजेंट मुंबई के मुलुंड से आता है और अपने काम को अंजाम देकर वापस लौट जाता है।
इस तरह के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से यह मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और साइबर क्राइम विभाग के निशाने पर आ सकता है। यदि इन एजेंसियों द्वारा इस रैकेट पर छापा मारा जाता है, तो बड़ा खुलासा हो सकता है और इन एजेंटों की गिरफ्तारी भी संभव है।
फिलहाल, यह नेटवर्क बिना किसी रोक-टोक के अपना अवैध कारोबार चला रहा है। अब देखना यह होगा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस पर कब और कैसे शिकंजा कसती हैं।