उल्हासनगर महापालिका में 100 करोड़ रुपये का टीडीआर घोटाला उजागर,सरकार ने दी जांच के आदेश।

उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगर पालिका में तत्कालीन आयुक्त अजीज शेख और सह-संचालक नगर रचनाकार ललित खोब्रागडे पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) घोटाले के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले का सबसे पहले खुलासा प्रहार जनशक्ति पार्टी के ठाणे जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल और राष्ट्र कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश तिवारी ने किया था।
दोनों नेताओं ने टीडीआर घोटाले को लेकर प्रशासन से विस्तृत जांच की मांग की थी। हालांकि, इस दौरान कुछ भू-माफियाओं ने प्रहार जनशक्ति और राष्ट्र कल्याण पार्टी के पदाधिकारियों के खिलाफ जबरन वसूली के मामले भी दर्ज कराए। इसके बावजूद दोनों पार्टियों ने टीडीआर घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अपने प्रयास जारी रखे।
अंततः 4 मार्च 2025 को महाराष्ट्र शासन ने इस घोटाले को लेकर आदेश जारी कर उल्हासनगर महानगर पालिका में टीडीआर घोटाले की पुष्टि की। इसके साथ ही, महाराष्ट्र महानगरपालिका संचालक की रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश उल्हासनगर महानगर पालिका के आयुक्त को दिए गए हैं।
इस मामले में शासन ने आदेश जारी कर टीडीआर, डीआरसी (डेवलपमेंट राइट्स सर्टिफिकेट), आरसीसी (रेग्युलराइजेशन ऑफ कंस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट) और जिन निर्माण कार्यों में इनका उपयोग किया गया है, उन सभी कार्यों को तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, और स्थानीय नागरिक प्रशासन से इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।