उल्हासनगर में ऑनलाइन लॉटरी का गोरखधंधा: युवाओं का भविष्य दांव पर, प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल?

उल्हासनगर: शहर में अवैध रूप से संचालित Win Game ऑनलाइन लॉटरी का जाल तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। यह अवैध धंधा निजी सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जहां हर 10 मिनट में नंबर खोले जाते हैं और भोले-भाले युवा इसके झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।
सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि यह अवैध लॉटरी कारोबार प्रशासन और कानून-व्यवस्था की नाक के नीचे बेखौफ चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय नेताओं, समाजसेवी संगठनों, आरटीआई कार्यकर्ताओं और नगरसेवकों की चुप्पी इस पूरे मामले को संदेह के घेरे में डालती है। सवाल उठता है कि क्या यह चुप्पी किसी दबाव या मिलीभगत का नतीजा है?
प्रशासन की उदासीनता:
शहर में बढ़ते इस अवैध कारोबार के बावजूद अब तक पुलिस और प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। न ही कोई शिकायत दर्ज की गई और न ही इस मुद्दे पर कोई गंभीर चर्चा हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि या तो प्रशासन इस गतिविधि से अनजान बना हुआ है या फिर किसी प्रभाव के चलते कार्रवाई से बच रहा है।
जनता की मांग: सख्त कार्रवाई हो
शहर के जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस अवैध धंधे पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
क्या सरकार और प्रशासन लेंगे कोई ठोस कदम?
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस अवैध ऑनलाइन लॉटरी कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यह गोरखधंधा यूं ही चलता रहेगा? क्या कोई जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे को उठाने का साहस दिखाएगा?
जनता को अब सिर्फ आश्वासनों की नहीं, बल्कि त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि उल्हासनगर के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।