उल्हासनगर: ‘यूथ आइकॉन’ ओमी कालानी के नेतृत्व में दीपू निषाद का बढ़ा कद, पैनल 10 से मजबूत दावेदारी


शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
शहर के उल्हासनगर-3 स्थित हीराघाट परिसर में आगामी महानगरपालिका चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पिछले एक दशक से जमीन पर रहकर जनता की सेवा करने वाले समाजसेवक दीपू निषाद अब क्षेत्र की जनता की पहली पसंद बनकर उभर रहे हैं। ‘यूथ आइकॉन’ श्री ओमी कालानी के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे दीपू निषाद को अब उत्तर भारतीय समाज के साथ-साथ सर्व समाज का भारी समर्थन मिल रहा है।
संकट काल के ‘सारथी’ बनकर उभरे
दीपु निषाद की पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में है जो बिना किसी पद के भी जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। उनके सेवा कार्यों की सूची लंबी है:
- कोरोना काल में अभूतपूर्व सेवा: जब दुनिया घरों में कैद थी, तब दीपू निषाद ने पूरे परिसर में सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। उन्होंने न केवल संक्रमण रोकने के लिए काम किया, बल्कि जरूरतमंदों के घर-घर जाकर मुफ्त राशन पहुंचाया और चिकित्सकों को मरीजों के द्वार तक ले गए।
- बाढ़ राहत कार्य: हीराघाट जैसे संवेदनशील इलाके में भारी बारिश के दौरान जब बाढ़ जैसी स्थिति बनी, तब उन्होंने धरातल पर उतरकर लोगों की मदद की।
- जनहितकारी योजनाएं: पिछले 10 वर्षों से वे लगातार मुफ्त स्वास्थ्य शिविर (आरोग्य कैंप) और मुफ्त चश्मा वितरण जैसे कार्यक्रमों के जरिए मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत पहुंचा रहे हैं।
पैनल नंबर 10 में चर्चाओं का बाजार गर्म
स्थानीय निवासियों का मानना है कि जो व्यक्ति बिना किसी राजनीतिक पद के पिछले एक दशक से विकास और सेवा की राजनीति कर रहा है, यदि उसे नगरसेवक के रूप में जिम्मेदारी मिलती है, तो वह पैनल नंबर 10 की तस्वीर बदल सकता है।
“हीराघाट में हर समाज और पेशे के लोग रहते हैं, और दीपू निषाद ने सभी को एक साथ जोड़कर रखा है। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए इस बार जनता उन्हें सदन में भेजने का मन बना चुकी है।”
— स्थानीय निवासी
उत्तर भारतीय समाज का मिला साथ
आगामी मनपा चुनाव में दीपू निषाद ने पैनल नंबर 10 से अपनी इच्छुक उम्मीदवारी जताई है। विशेष रूप से उत्तर भारतीय समाज ने उन्हें अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया है, जिससे अन्य प्रतिद्वंदियों के बीच खलबली मच गई है। ओमी कालानी के प्रति उनकी निष्ठा और जनता के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें इस चुनावी दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर दिया है।



