उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव: कांग्रेस ने फूंका चुनावी बिगुल; इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू संपन्न और विकास का ‘संकल्प पत्र’ जारी



शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर: आगामी उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उल्हासनगर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा रीजेंसी हॉल (उल्हासनगर-3) में एक महत्वपूर्ण बैठक और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस सचिव तथा उल्हासनगर प्रभारी नवीन सिंह की प्रमुख उपस्थिति में चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार (इंटरव्यू) लिए गए और पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र (जाहीरनामा) प्रकाशित किया गया।
उम्मीदवारों का भारी उत्साह
कांग्रेस पार्टी ने पैनल क्रमांक 1 से 20 तक चुनाव लड़ने के इच्छुक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आवेदन मांगे थे। शहर के सैकड़ों इच्छुक उम्मीदवारों ने अपना बायोडाटा जिला कांग्रेस कमेटी को सौंपा। इन उम्मीदवारों के चयन के लिए गठित समिति में जिला अध्यक्ष रोहित साळवे, पूर्व नगरसेविका अंजली साळवे, प्रदेश सचिव कुलदीप आईलशिंगानी, ब्लॉक अध्यक्ष किशोर धडके, सुनील बैरानी, नानीक आहुजा, शंकर आहुजा और मनीषा महाकाले शामिल थे, जिन्होंने उम्मीदवारों की योग्यता और निष्ठा को परखा।
कांग्रेस का ‘विकास संकल्प’: घोषणा पत्र की मुख्य बातें
साक्षात्कार के पश्चात, शहर के सर्वांगीण विकास के लिए कांग्रेस ने अपना आधिकारिक घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने “उल्हासनगर की उन्नति के लिए कांग्रेस का विश्वास, विकास का संकल्प” का नारा दिया है।
घोषणा पत्र के 10 प्रमुख वादे:
1.समान जलापूर्ति: प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था।
2.गड्ढा मुक्त सड़कें: सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र तंत्र और 24 घंटे के भीतर गड्ढे भरने का वादा।
3.टैक्स में राहत: 500 वर्ग फुट से कम क्षेत्रफल वाले घरों पर लगने वाले दंडात्मक संपत्ति कर (Property Tax Penalty) को रद्द करना।
4.भ्रष्टाचार पर वार: ई-टेंडरिंग के माध्यम से पारदर्शिता और भ्रष्ट ठेकेदारों की ‘मक्तेदारी’ खत्म कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करना।
5.मैदान और उद्यान: शहर के आरक्षित भूखंडों को सुरक्षित कर वहां उद्यानों और खेल के मैदानों का विकास।
6.हरित उल्हासनगर: वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर।
7.महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वास्थ्य जांच शिविर और सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों का निर्माण।
8.शिक्षा में सुधार: मनपा स्कूलों के कामकाज को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाना।
9.कचरा मुक्त शहर: मौजूदा कचरा डिपो को हटाकर कचरा प्रबंधन की नई वैज्ञानिक प्रणाली लागू करना।
10.मोहल्ला क्लिनिक: नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक वार्ड में ‘मोहल्ला क्लिनिक समितियों’ की स्थापना।
निष्कर्ष:
उल्हासनगर कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल अपनी संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित घोषणा पत्र जारी कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अब देखना यह होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है।



