पैनल नंबर 7 में ओमी कालानी के मानस पुत्र कमलेश निकम की बड़ी जीत का दबदबा, पूर्व उपमहापौर भगवान भालेराव को करारा झटका


शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव के नतीजों ने शहर के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विशेष रूप से पैनल नंबर 7 के परिणामों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। ओमी कालानी के कट्टर समर्थक माने जाने वाले कमलेश निकम ने इस पैनल की 4 में से 3 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।
भालेराव की करारी हार, साख पर सवाल इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका पूर्व उपमहापौर भगवान भालेराव को लगा है। पैनल नंबर 7 में भालेराव का खाता तक नहीं खुल सका और उनके खेमे को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। इसे भगवान भालेराव के राजनीतिक अस्तित्व के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय जानकारों का मानना है कि इस हार ने क्षेत्र में उनकी कमजोर होती पकड़ को स्पष्ट कर दिया है।
कलानी गुट की रणनीति हुई सफल चुनावी नतीजों के बाद यह चर्चा आम है कि कमलेश निकम ने न केवल अपनी व्यक्तिगत जीत सुनिश्चित की, बल्कि विरोधियों का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया। इस बड़ी सफलता को ओमी कलानी गुट की सटीक रणनीति और जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन का परिणाम माना जा रहा है।
बदलेंगे सियासत के समीकरण कमलेश निकम की इस जीत ने उन्हें उल्हासनगर की राजनीति के एक नए शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आने वाले समय में यह जीत महानगरपालिका के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। पैनल नंबर 7 अब पूरी तरह से कमलेश निकम के नेतृत्व और प्रभाव का गढ़ बन चुका है।





