जिला नियोजन समिति की बैठक में गूंजे उल्हासनगर के विकास मुद्दे, मनपा नई इमारत के लिए 275 करोड़ को जल्द मिलेगी प्रशासकीय मंजूरी — उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे





शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर : ठाणे जिला नियोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को ठाणे में उपमुख्यमंत्री एवं ठाणे जिले के पालकमंत्री श्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उल्हासनगर के आमदार कुमार आयलानी ने शहर के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दे प्रमुखता से उठाए तथा विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने की मांग करते हुए पालकमंत्री को विस्तृत पत्र सौंपा।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उल्हासनगर महानगरपालिका की नई इमारत के लिए 275 करोड़ रुपये की प्रशासकीय मान्यता कुछ ही दिनों में प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया। साथ ही, अनधिकृत बांधकामों के रेगुलराइजेशन (नियमितीकरण) की प्रक्रिया को गति देने के लिए नए एडीटीपी (सहायक नगर नियोजन अधिकारी) की नियुक्ति कर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने की बात कही।
आमदार कुमार आयलानी ने रेगुलराइजेशन के मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए कहा कि लगातार प्रयासों के बावजूद अब तक मनपा प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आगामी बैठक में नियमित की गई इमारतों की सूची प्रस्तुत करने की मांग की, जिस पर पालकमंत्री ने मनपा आयुक्त को आवश्यक निर्देश जारी किए।
कुत्तों के लिए आश्रय गृह (डॉग शेल्टर होम) की मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लेते हुए पालकमंत्री ने उपस्थित सभी आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्र में डॉग शेल्टर होम स्थापित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आमदार आयलानी द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित रहे—
- उल्हासनगर में अनधिकृत बांधकामों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग।
- शहर की सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए Ext. MUIP अंतर्गत निधि स्वीकृत करने की मांग।
- मनपा की नई इमारत के लिए निधि की प्रशासकीय मान्यता।
- मेट्रो-5 के टप्पा क्रमांक 2 (भोईरवाडी–उल्हासनगर) प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग।
- स्वतंत्र जलापूर्ति योजना, SATIS प्रकल्प, मध्यवर्ती अस्पताल विस्तार, एंटीलिया पर्यटन विकास, नए पुलिस थाने और क्रीड़ा संकुल के लिए निधि उपलब्ध कराने की मांग।
- म्हारळ–कांबा मार्ग पर लाइटिंग, उल्हास नदी पर कंपाउंड वॉल निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में नए पुलिस स्टेशन तथा आवारा कुत्तों के लिए आश्रय गृह की स्थापना जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर आमदार किसन कथोरे, संजय केलकर, महेश चौगुले, सुलभा गायकवाड, रईस शेख, शांताराम मोरे, ठाणे जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव तथा उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को उल्हासनगर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में शहर की आधारभूत सुविधाओं और नागरिक सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।






