उल्हासनगर में होली उत्सव पर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में — एक कार्यक्रम को अनुमति, दूसरे पर रोक से उठा विवाद

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर में होली उत्सव के दौरान आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों को लेकर सेंट्रल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पुलिस ने एक कार्यक्रम को बिना किसी बाधा के अनुमति दी, जबकि दूसरे आयोजन को शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर विवाद और चर्चा तेज हो गई है।
📍 एक कार्यक्रम रोका गया, दूसरा चला निर्बाध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उल्हासनगर-3 स्थित मयूर लॉन्स में आयोजित होने वाला ‘जश्न-ए-रंग’ नामक होली उत्सव कार्यक्रम को सेंट्रल पुलिस स्टेशन द्वारा प्रारंभ होने से पहले ही रोक दिया गया।
वहीं, उसी क्षेत्र के रीजेंसी गार्डन में टीम इनोवेटर्स और विब्ग्योर इवेंट्स द्वारा आयोजित ‘रंग उत्सव 6.0’ कार्यक्रम को बिना किसी रुकावट के आयोजित होने दिया गया। दोनों कार्यक्रम होली उत्सव से जुड़े थे और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी अपेक्षित थी।
⚠️ भ्रष्टाचार के आरोप, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि ‘रंग उत्सव 6.0’ में उल्हासनगर के एक नगरसेवक का निवेश होने की चर्चा है और कथित रूप से पुलिस को “मजबूत पैकेट” (रिश्वत) दिए जाने की अफवाहें भी सामने आई हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और शौर्य टाइम्स इन दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। इस मामले में अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
👥 नागरिकों ने उठाए दोहरे मापदंड पर सवाल
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के कथित अलग-अलग रवैये पर नाराज़गी जताई है।
एक निवासी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कहा:
“होली जैसे त्योहार पर सभी आयोजकों को समान अवसर मिलना चाहिए। लेकिन यहां नियम अलग-अलग तरीके से लागू होते दिखाई दे रहे हैं।”
एक आरटीआई कार्यकर्ता ने भी बताया कि वे जल्द ही सूचना के अधिकार (RTI) के तहत आवेदन दाखिल कर यह जानकारी मांगेंगे कि ‘रंग उत्सव 6.0’ को किस आधार पर अनुमति दी गई और क्या सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं।
🔎 जांच की मांग तेज
मामले को लेकर अब निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस की कार्रवाई नियमों के अनुसार थी या नहीं। नागरिकों का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन को आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए।
📢 आधिकारिक पक्ष का इंतजार
इस पूरे मामले पर अधिक जानकारी के लिए सेंट्रल पुलिस स्टेशन से संपर्क किया जा सकता है।
यह समाचार सूत्रों और स्थानीय प्रतिक्रियाओं पर आधारित है तथा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।









