महाराष्ट्र में मनेगा ‘सामाजिक समता सप्ताह’: महात्मा फुले और डॉ. आंबेडकर के विचारों से महकेगा प्रदेश

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
महाराष्ट्र सरकार ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती (200वां वर्ष) और भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे राज्य में ‘सामाजिक समता सप्ताह’ मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
शासन के निर्देशानुसार, यह विशेष सप्ताह 8 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और समाज में समानता व भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम की रूपरेखा: जानें किस दिन क्या होगा?
नगर विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार, सप्ताह भर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा:
- 8 अप्रैल: सामाजिक समता सप्ताह का भव्य उद्घाटन और ‘भारतीय संविधान की उद्देशिका’ (Preamble) की प्रतियों का वितरण।
- 9 अप्रैल: महाड के ‘चवदार तालाब सत्याग्रह’ की शताब्दी के उपलक्ष्य में स्कूलों और कॉलेजों में व्याख्यान, निबंध और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं का आयोजन।
- 10 अप्रैल: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ‘पथनाट्य’ (Street Plays) के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रति जन-जागृति।
- 11 अप्रैल: महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के अवसर पर विशेष गौरव समारोह।
- 12 अप्रैल: ‘संविधान जागर’—संविधान निर्माण, मौलिक अधिकार और कर्तव्यों पर विशेषज्ञों के मार्गदर्शन सत्र।
13 अप्रैल: वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिविर, स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविरों का आयोजन। - 14 अप्रैल: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर भव्य समापन समारोह और ‘स्वाभिमान मेला’ का आयोजन।
🏛️ प्रशासन को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी नगर पालिकाओं, महानगर पालिकाओं और जिला परिषदों को आदेश दिया है कि:
1.महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास के परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन और फूलों से सजावट सुनिश्चित की जाए।
2.इस पूरे आयोजन के लिए सरकार ने प्रत्येक जिले के लिए 3 लाख रुपये का विशेष फंड तत्काल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है।
3.सभी शासकीय कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए और लंबित ‘जाति वैधता प्रमाणपत्र’ (Caste Validity Certificates) ऑनलाइन वितरित किए जाएं।
💡 आम जनता के लिए क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि नागरिकों के लिए शासन की कल्याणकारी योजनाओं (जैसे मार्जिन मनी योजना, दादासाहेब गायकवाड सबलीकरण योजना) को समझने और समाज में संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने का एक सुनहरा अवसर है।
“संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता और बंधुता के मूल्यों को आधुनिक भारत की नींव माना गया है। यह सप्ताह उन्हीं मूल्यों को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है।”
डिजिटल डेस्क, मुंबई
स्त्रोत: महाराष्ट्र शासन निर्णय (GR) – 2026







