
उल्हासनगर प्रतिनिधि : नीतू विश्वकर्मा
मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) की चेतावनी और आंदोलन की घोषणा के बाद आखिरकार उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन हरकत में आया है। अब शहर की गरीब एवं स्वयं सहायता समूहों (बचत गट) से जुड़ी महिलाओं को लोहे के स्टॉल उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मा. श्री बंडू देशमुख, जिलाध्यक्ष (कल्याण लोकसभा – महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) द्वारा दिनांक 27 अक्टूबर 2025 को पाठवाए गए पत्रानुसार, प्रशासन ने इस विषय पर त्वरित निर्णय लिया है।
उल्हासनगर महानगरपालिका के महिला व बाल कल्याण विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि —
> “शहर की गोरगरीब एवं महिला बचत गट में कार्यरत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वावलंबन की दिशा में कदम बढ़ाने हेतु 50 लोहे के स्टॉल खरीदे गए हैं।”
इन स्टॉलों के वितरण हेतु लॉटरी ड्रॉ कार्यक्रम दिनांक 06 नवंबर 2025 को आयोजित किया गया है। इस दिन सभी पात्र महिला बचत गट सदस्यों को स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र में आगे यह भी उल्लेख किया गया है कि —
> “आपके पत्र में आंदोलन का उल्लेख किया गया था। अब चूँकि प्रशासन ने आवश्यक कार्यवाही आरंभ कर दी है, अतः आंदोलन की आवश्यकता नहीं है।”
📌 मुख्य तथ्य:
मनसे जिलाध्यक्ष बंडू देशमुख ने उठाई थी गरीब महिलाओं की आजीविका का मुद्दा
प्रशासन ने तुरंत 50 लोहे के स्टॉल देने का निर्णय लिया
6 नवंबर को लॉटरी प्रणाली से स्टॉल वितरण
गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम
💬 जनजागरण हेतु संदेश:
यह उदाहरण दर्शाता है कि जब सामाजिक मुद्दों को दृढ़ता और ईमानदारी से उठाया जाता है, तब प्रशासन को भी जनता की आवाज़ सुननी पड़ती है।
मनसे के दबाव और जनहित की ताकत से गोरगरीब महिलाओं के हक़ की जीत हुई है।


