ArticleAwarenessBest Wishesbhartiya janta partyBreaking NewschampionshipCity NewsCMCorruptionCorruption CaseCrimeCrime citycriminal offenceDevendra Fadnavisecologyeknath shindeElection CommissionfraudulentGadgetsguidelines CrimeheadlineHeadline TodayLife StyleLifestylelocalityMaharashtramaharashtra chief ministerpolicy & Goverancepoliticalpoliticspollution & environmentprotest for justicepublic awarenessPublic hearingpublic securityRPIRTI ActivistscamShaurya TimesShiv Sena ShindeSocialsportsstrike against lawtrendingUlhasnagarUlhasnagar Breaking NewsUlhasnagar CrimeUlhasnagar Crime CityUMC Breaking newsUnder DCP Zone-4vanchitViral VideoVoice of Media

गरीबों के आवास को मिलेगा कानूनी अधिकार: 141-उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र स्तरीय समीक्षा समिति के अध्यक्ष बने विधायक कुमार आयलानी

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा

मुंबई/उल्हासनगर: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के बेघर, गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता (MLRC), 1966 की धारा 40 और 51 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए राज्य में शासकीय जमीनों पर हुए पुराने रिहायशी अतिक्रमणों को नियमित करने की नीति घोषित की है। इस नए शासनादेश (GR) के तहत बृहन्मुंबई (मुंबई शहर और मुंबई उपनगर) को छोड़कर राज्य के अन्य सभी जिलों में 01 जनवरी 2011 या उससे पहले के रिहायशी अतिक्रमणों को कुछ विशेष शर्तों के अधीन नियमित किया जाएगा। 


इस महात्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित समीक्षा के लिए 141-उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए आधिकारिक तौर पर ‘विधानसभा क्षेत्रस्तरीय समीक्षा समिति’ का गठन कर दिया गया है। स्थानीय विधायक माननीय कुमार आयलानी को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 


सर्वसाधारण जनता की जागरूकता और सहूलियत के लिए इस योजना से जुड़ी पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क और नियम व शर्तों की पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है:

🏛️ उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र स्तरीय समिति का ढांचा

शासकीय आदेशानुसार गठित इस विशेष समिति में प्रशासनिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं: 

  • अध्यक्ष: माननीय कुमार आयलानी (विधायक, 141-उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र)
  •  सदस्य: तहसीलदार (उल्हासनगर), नगर भू-मापन अधिकारी (उल्हासनगर), सहायक आयुक्त (उल्हासनगर महानगरपालिका), और उप-अभियंता (महावितरण, उल्हासनगर) 
  • सदस्य सचिव: उपविभागीय अधिकारी (SDO, उल्हासनगर उपविभाग) 

मुख्य कार्य: यह समिति क्षेत्र में अतिक्रमण नियमितीकरण की प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रत्येक 3 महीने में कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेगी।

📢 महत्वपूर्ण तिथियां और समय-सीमा

  • पात्रता की कट-ऑफ डेट: केवल वही रिहायशी अतिक्रमण नियमितीकरण के पात्र होंगे जो 01.01.2011 या उससे पहले से अस्तित्व में हैं और वर्तमान में भी वहां निवास है।
  • आवेदन करने की अंतिम तिथि: पात्र नागरिकों को 31 दिसंबर 2026 तक अपना आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना अनिवार्य है।
  • कार्रवाई से कानूनी संरक्षण: इस समय-सीमा के भीतर आवेदन करने वाले पात्र व्यक्तियों को उनका अतिक्रमण नियमित होने तक निष्कासन (Eviction) की कार्रवाई से पूर्ण संरक्षण मिलेगा। तय तारीख तक आवेदन न करने वाले अपात्र लोगों के अतिक्रमण विशेष अभियान चलाकर हटा दिए जाएंगे।
  • निर्णय की समय-सीमा: अतिक्रमण धारक द्वारा आवेदन किए जाने के 90 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी को नियमितीकरण पर अपना अंतिम निर्णय लेना बंधनकारक होगा。

पात्रता के लिए आवश्यक दस्तावेज (सरकारी प्रमाण)

01 जनवरी 2011 या उससे पहले से संबंधित जगह पर रिहायशी अतिक्रमण होने का प्रमाण देने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेजों को वैध माना जाएगा (ध्यान दें: राशन कार्ड को निवास के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा): 

1.मतदाता सूची में नाम (स्थानीय निकाय चुनावों की वार्ड/प्रभाग निहार मतदाता सूची)

2.बिजली बिल या संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की रसीद。 
ग्राम पंचायत का ‘8-अ’ उतारा या सरकारी अतिक्रमण सर्वे रजिस्टर की नकल


3.झुग्गी-झोपड़ी घोषणा की अधिसूचना (Slum Declaration Notification)

 
4.सैटेलाइट इमेज (उपग्रह छायाचित्र): इसे भी शासन स्तर पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी सबूत माना जाएगा।


5.वर्तमान निवास का प्रमाण: पुराने दस्तावेजों के साथ-साथ, पिछले एक वर्ष के भीतर का कोई भी एक चालू सरकारी निवास प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा

📏 जगह की सीमा और निर्धारित शुल्क (Charges)

सरकार ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए अधिकतम 1500 वर्ग फीट तक के क्षेत्र को नियमित करने की मंजूरी दी है:

  • 500 वर्ग फीट तक: 500 वर्ग फीट तक के सभी रिहायशी अतिक्रमण पूरी तरह से निःशुल्क (FREE) नियमित किए जाएंगे।
  •  
  • 500 से 1500 वर्ग फीट तक: पहले 500 वर्ग फीट का क्षेत्र मुफ्त रहेगा, लेकिन 500 वर्ग फीट से ऊपर और 1500 वर्ग फीट के भीतर के अतिरिक्त क्षेत्र के लिए चालू रेडी रेकनर (वार्षिक दर विवरणिका) के अनुसार बाजार मूल्य का 10% शुल्क लिया जाएगा। 
  • 1500 वर्ग फीट से अधिक होने पर: यदि किसी का अतिक्रमित क्षेत्र 1500 वर्ग फीट से ज्यादा है, तो अतिरिक्त हिस्से को नियमित नहीं किया जाएगा; उसे हटाना (निष्कासित करना) अनिवार्य होगा। 
  • पंजीकरण शुल्क (Registration Fee): नियमित भूमि के पंजीकृत दस्तावेजों के लिए 1000 वर्ग फीट तक ₹1,000 और 1500 वर्ग फीट तक ₹2,000 का पंजीकरण शुल्क देय होगा।

⚠️ मुख्य नियम और शर्तें

  • एक परिवार, एक लाभ: ‘कुटुंब’ (पति, पत्नी और उन पर आश्रित अविवाहित बच्चे) को पूरे महाराष्ट्र राज्य में केवल एक ही अतिक्रमण नियमित कराने का अधिकार होगा। इसके लिए आवेदन के साथ हलफनामा (Affidavit) देना बंधनकारक है।
  • संयुक्त मालिकाना हक: यह जमीन पति और जीवित पत्नी के संयुक्त नाम (Joint Name) पर नियमित की जाएगी। यदि एक ही अतिक्रमित मकान में एक से अधिक परिवार रहते हैं, तो पट्टा सभी संबंधित परिवार प्रमुखों के संयुक्त नाम पर सामायिक रूप से दिया जाएगा।
  •   5 वर्षों तक बिक्री/हस्तांतरण पर रोक: नियमित की गई जगह को ‘नवीन शर्त’ के तहत भोगवटादार वर्ग-२ (हस्तांतरण प्रतिबंधित) के रूप में दिया जाएगा। आदेश की तारीख से अगले 5 वर्षों तक इस जगह को बेचा, किराए पर दिया या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। उल्लंघन करने पर आवंटन रद्द कर जमीन सरकारी खजाने में जमा कर ली जाएगी।
  • व्यावसायिक उपयोग पर आंशिक छूट: यदि रिहायशी घर के ही किसी छोटे हिस्से में नागरिकों की दैनिक आपातकालीन जरूरतों के लिए दुकान (जैसे- किराना, मेडिकल, आटा चक्की या छोटा क्लिनिक) है और वह घर का ही भाग है, तो अपवादात्मक परिस्थिति में उस हिस्से के बाजार मूल्य का 25% कब्जा शुल्क लेकर उसे नियमित किया जा सकता है। 

🚫 कौन से अतिक्रमण किसी भी स्थिति में नियमित नहीं होंगे?

  • अपात्र और खतरनाक क्षेत्र: नदी और नालों के पात्र, सार्वजनिक सड़कें, वन भूमि (Forest Land), भूस्खलन संभावित (Landslide prone) खतरनाक क्षेत्र, वेटलैंड और सीआरजेड/एनडीजेड से प्रभावित क्षेत्रों के अतिक्रमण नियमित नहीं होंगे।
  • सार्वजनिक उपयोग की आरक्षित जमीनें: श्मशान घाट, खेल के मैदान, स्कूल/अस्पताल के लिए आरक्षित जगह और सार्वजनिक निस्तार अधिकारों के लिए सुरक्षित जमीनों पर हुए अतिक्रमणों को नियमित नहीं किया जाएगा
  • विदेशी नागरिकों पर पूर्ण प्रतिबंध: किसी भी परिस्थिति में गैर-भारतीय नागरिक का अतिक्रमण नियमित नहीं होगा。 ऐसा मामला सामने आने पर अतिक्रमण तुरंत हटाकर संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित किया जाएगा。 
  • सरकार करेगी पुनर्वास: यदि तकनीकी कारणों (जैसे बाढ़ रेखा या रेलवे/हाईवे सुरक्षा क्षेत्र) से किसी पात्र परिवार का अतिक्रमण नियमित करना असंभव है, तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर दिया जाएगा या ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 वर्ग फीट का भूखंड देकर उनका पुनर्वास किया जाएगा。 

🗺️ आधिकारिक और निःशुल्क भूमि पैमाइश (Measurement)

अतिक्रमण नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने से पहले भूमि अभिलेख (Land Records) विभाग द्वारा संबंधित मकान/भूखंड की आधिकारिक और पूरी तरह से निःशुल्क पैमाइश (मोजणी) की जाएगी। मोजणी के बाद निश्चित किया गया क्षेत्र ही अंतिम माना जाएगा। इसके बाद स्थानीय स्तर पर दवंडी (मुनादी) देकर 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। 

🏛️ आवेदन कहां और किसके पास जमा करें?

नागरिक अपने भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार निम्नलिखित सक्षम प्राधिकारियों के पास आवेदन कर सकते हैं: 

  • महानगरपालिका और ‘अ’ वर्ग नगरपालिका क्षेत्र: आवेदन संबंधित वार्ड अधिकारी के पास स्वीकृत होंगे, जो छाननी के बाद इसे जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली अंतिम समिति को भेजेंगे。 
  • ‘ब’ और ‘क’ वर्ग नगरपालिका/नगरपंचायत क्षेत्र: आवेदन संबंधित मुख्य अधिकारी (Chief Officer) के पास जमा होंगे。 निर्णय का अधिकार उप-विभागीय अधिकारी (SDO) की समिति को है。 
  • ग्रामीण क्षेत्र: आवेदन संबंधित ग्रामसेवक के पास जमा किए जाएंगे, जो इसे आगे तहसीलदार को अग्रेषित करेंगे。 अंतिम निर्णय का अधिकार तहसीलदार की अध्यक्षता वाली समिति को है। 

सार्वजनिक अपील: सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारियों या बिचौलियों के बहकावे में न आएं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए समय रहते (31 दिसंबर 2026 से पहले) अपने आवश्यक सरकारी दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट प्राधिकारी के पास आवेदन अवश्य दर्ज कराएं। 

Shaurya Times

🛡️ Shaurya Time’s – Your Voice, Our Questions! A fearless digital news platform focused on public safety, justice, and accountability. We expose: ✅ Ground realities ✅ RTI & official documents ✅ Civic failures & scams ✅ Crime, corruption & cover-ups Bold journalism. Real issues. No compromise. Because awareness is the first step to change. 📢 Shaurya Time’s – Reporting the truth, without fear!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

कंटेंट चुराना पाप है। चुराने की बजाय खुद कंटेंट लिखें।
- नीतू विश्वकर्मा

Verified by MonsterInsights