उल्हासनगर स्कूल के निर्माण कार्य में देरी, 2025-26 सत्र में स्कूल की घंटी बजेगी या नहीं?

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महापालिका की दो स्कूलें, आण्णा भाऊ साठे शाला (क्र. 24) और लीला शहा शाला (क्र. 18), पिछले आठ वर्षों से नवनिर्माण के नाम पर बंद पड़ी हैं। इन स्कूलों की क्षमता 865 छात्रों की है, लेकिन कई सालों से बंद होने के कारण छात्र संख्या में लगातार कमी आ रही है।
राजनीतिक कारणों और भूमाफियाओं की नजर के कारण स्कूलों के निर्माण कार्य में लगातार रुकावटें आ रही थीं। लेकिन कुछ सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं के प्रयासों से इन स्कूलों को जीवनदान मिला।
दिसंबर 2023 में सांसद श्रीकांत शिंदे ने इन स्कूलों के निर्माण का भूमि पूजन किया, लेकिन इसके बावजूद स्कूल के निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य अभी भी बहुत पीछे है और स्थानीय कार्यकर्ता व नागरिक प्रशासन से इस बाबत बार-बार सवाल करते हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहे हैं।
अब, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि महापालिका आयुक्त शाला निर्माण में देरी पर क्या कदम उठाते हैं। इस मामले में प्रशासन से सवाल-जवाब करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन करने की चेतावनी दी है।