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उल्हासनगर महानगरपालिका: प्रभाग संख्या 1 की प्रारूप मतदाता सूची में बड़ा घपला, जंगल-ओसाड़ इलाकों में सैकड़ों फर्जी वोटर, एमएनएस ने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की

शौर्य टाईम्स रिपोर्टिंग : नीतू विश्वकर्मा

उल्हासनगर महानगरपालिका (यूएमसी) की आगामी सामान्य चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूचियों में प्रभाग संख्या 1 के स्तर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने इन घपलों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि अंतिम सूची में भी ये त्रुटियां बनी रहीं, तो चुनाव का बहिष्कार कर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

प्रभाग 1 में फर्जी एंट्रीज का खुलासा: जंगल और निर्जन इलाकों में सैकड़ों नाम

एमएनएस के महानगर संगठक मैनुद्दीन भाई शेख और उनके सहयोगियों ने प्रभाग संख्या 1 की प्रारूप मतदाता सूची का गहन विश्लेषण किया। इसमें आईडीआई और अंबरडाई कॉलोनी जैसे जंगल क्षेत्रों तथा ओसाड़, निर्जन स्थानों पर सैकड़ों मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए, जहां वास्तव में कोई आवासीय सुविधा या आबादी नहीं है। ये एंट्रीज स्पष्ट रूप से फर्जी प्रतीत हो रही हैं, जो मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
इसके अलावा, सूची में डुप्लिकेट (दुबारा) और ट्रिप्लिकेट (तिगुना) नाम, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नामों का समावेश, तथा वर्तमान प्रभाग के निवासियों के नाम अन्य प्रभागों में स्थानांतरित होने जैसी गंभीर कमियां पाई गईं।

एमएनएस नेताओं का आरोप है कि ये त्रुटियां यूएमसी के चुनाव विभाग और महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग की लापरवाही का परिणाम हैं, जिसके कारण मतदान प्रतिशत कभी 60-65% से ऊपर नहीं पहुंच पाता।

एमएनएस की हरकतें और चेतावनी: चुनाव बहिष्कार का ऐलान

एमएनएस ने निर्धारित समयसीमा के भीतर औपचारिक हरकतें दर्ज की हैं। उन्होंने मांग की है कि अन्य प्रभागों से स्थानांतरित हुए फर्जी नामों को हटाया जाए और प्रभाग संख्या 1 के वास्तविक निवासियों को सही सूची में शामिल किया जाए। यदि अंतिम सूची में भी ये घपले बने रहे, तो यूएमसी चुनाव विभाग और राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मैनुद्दीन भाई शेख ने यूएमसी चुनाव विभाग को लिखित रूप से यह चेतावनी जारी

ताजा अपडेट: उल्हासनगर में व्यापक अनियमितताओं की शिकायतें, ‘महाराष्ट्र’ नाम की महिला वोटर का ब bizarre केस

हाल के दिनों में उल्हासनगर की मतदाता सूचियों को लेकर कई अन्य शिकायतें भी सामने आई हैं। 28 नवंबर 2025 को ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारूप सूची में एक 57 वर्षीय महिला का नाम मात्र ‘महाराष्ट्र’ दर्ज है, बिना किसी उपनाम के, जबकि उनके पति का नाम भी ‘महाराष्ट्र’ ही बताया गया है। एमएनएस के जिला अध्यक्ष बंडू देशमुख ने इसे डेटा मैनिपुलेशन का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए डुप्लिकेट और फर्जी एंट्रीज का आरोप लगाया। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं ने भी आयुक्त मनीषा आव्हाड़े से मुलाकात कर शिकायत दर्ज की।

इसके अतिरिक्त, प्रभाग 19 और 20 में अंबरनाथ-पलगांव के 500 से अधिक निवासियों के नाम गलत तरीके से शामिल होने की शिकायतें हैं। ठाणे, मीरा-भाईंदर और उल्हासनगर में कुल मिलाकर 15-20 हजार नामों की हेराफेरी का अनुमान लगाया जा रहा है, जैसा कि 26 नवंबर को सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता नितीन भुतेरे ने उजागर किया। एमएनएस ने ठाणे में भी समान अनियमितताओं पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। राज्य चुनाव आयोग ने आधार-आधारित सत्यापन और हरकतों के लिए 21 दिनों का अतिरिक्त समय देने का वादा किया है, लेकिन कार्यान्वयन पर सवाल बने हुए हैं।

जन जागरूकता: अपनी मतदाता सूची कैसे जांचें और हरकत कैसे दें?

मतदाता सूचियों की सफाई लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। कम मतदान प्रतिशत न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है, बल्कि फर्जी वोटिंग से चुनाव परिणाम प्रभावित होते हैं। जनहित में, यहां कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:

  • सूची जांचें: यूएमसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.umc.gov.in) या महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग की साइट (mahasec.maharashtra.gov.in) पर जाकर अपना नाम खोजें। मोबाइल ऐप ‘वोटर हेल्पलाइन’ का उपयोग करें।
  • हरकत दर्ज करें: यदि नाम गायब, डुप्लिकेट या गलत प्रभाग में है, तो 25 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन/ऑफलाइन हरकत दें। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड या निवास प्रमाण-पत्र।
  • सहायता: नजदीकी यूएमसी कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर 1800-22-1950 पर संपर्क करें। जागरूक रहें, क्योंकि स्वच्छ मतदाता सूची स्वच्छ चुनाव सुनिश्चित करती है।

एमएनएस के इस कदम से उम्मीद है कि चुनाव आयोग त्वरित सुधार करेगा, ताकि उल्हासनगर के लाखों मतदाताओं का वोट बेकार न जाए। विकास की उम्मीदें लगाए बैठे नागरिकों के लिए यह मुद्दा अब चुनावी रणनीति का केंद्र बन चुका है।

यह रिपोर्ट यूएमसी चुनाव विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों, एमएनएस के बयानों और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों का अनुसरण करें।)

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