उल्हासनगर मनपा में दिव्यांग कल्याण विभाग प्रमुख पद पर श्रीमती संगीता विलास काळे की तत्काल नियुक्ति की मांग तेज, ज्येष्ठ समाजसेवी अण्णासाहेब रोकडे ने सौंपा आयुक्त को ज्ञापन

उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री अण्णासाहेब रोकडे ने आज उल्हासनगर महानगरपालिका के आयुक्त तथा प्रशासक श्रीमती मनीषा आव्हाळे, उपायुक्त (दिव्यांग कल्याण) श्री अनंत जवाद्वार तथा प्रशासन अधिकारी श्री दीपक धनगर को औपचारिक पत्र सौंपकर श्रीमती संगीता विलास काळे को मनपा के दिव्यांग कल्याणकारी विभाग में जिल्हा समन्वयक या विभाग प्रमुख के पद पर तत्काल नियुक्त करने की जोरदार मांग की है।
21 वर्षों का दुर्लभ अनुभव और उच्च शिक्षित प्रोफाइल
श्रीमती संगीता विलास काळे पिछले 21 वर्षों (2004 से) समग्र शिक्षा – समावेशी शिक्षा योजना के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए जिला समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी प्रमुख योग्यताएँ इस प्रकार हैं:
शैक्षणिक योग्यता: बी.कॉम., एलएलबी, एम.ए. सायकॉलॉजी (प्रगतिपथ पर), स्पेशल बी.एड. (दृष्टिबाधित बच्चों हेतु), स्पेशल डी.एड. (बौद्धिक दिव्यांग हेतु), गाइडेंस एवं काउंसलिंग में डिप्लोमा
विशेष अनुभव: 21 प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों के साथ 21+ वर्षों का प्रत्यक्ष कार्य, घाटकोपर, वांगणी, चिल्ड्रन्स ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल, महालक्ष्मी एवं हाजी अली की विशेष विद्यालयों में अध्यापन
सफल आयोजन: दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर, यूडीआईडी प्रशिक्षण, थैरेपी-सामग्री वितरण, मापन शिविर, समुपदेशन कार्यशालाएँ
साख: आमदार, खासदार एवं शिक्षा विभाग से कई पुरस्कार प्राप्त; भ्रष्टाचार से दूर, पूर्णतः समर्पित एवं ईमानदार अधिकारी के रूप में ख्याति
उल्हासनगर में 2000 से अधिक दिव्यांग विद्यार्थी प्रतीक्षा में
शहर में 2000 से अधिक दिव्यांग बच्चे हैं जिनके भविष्य के लिए एक अनुभवी, कानूनी रूप से सक्षम एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टि वाली अधिकारी की बेहद आवश्यकता है। श्रीमती काळे के पास यही त्रिवेणी संगम मौजूद है।
प्रमुख मांगें
श्रीमती संगीता विलास काळे को उनकी समग्र योग्यता एवं 21 वर्षों के अनुभव के आधार पर तत्काल दिव्यांग कल्याण विभाग में जिला समन्वयक/विभाग प्रमुख पद पर नियुक्त किया जाए।
उपायुक्त श्री अनंत जवाद्वार एवं प्रशासन अधिकारी श्री दीपक धनगर इस प्रस्ताव पर सकारात्मक टिप्पणी (Positive Note) शीघ्र तैयार कर आयुक्त तक पहुँचाएँ।
श्री रोकडे ने कहा, “यह केवल एक नियुक्ति नहीं, उल्हासनगर के हजारों दिव्यांग बच्चों को सशक्त बनाने और उनके अधिकार सुनिश्चित करने का प्रश्न है। इस न्यायपूर्ण मांग पर त्वरित सकारात्मक कार्यवाही की अपेक्षा है।”



