“उत्तर भारतीय महापौर बना तो समर्थन नहीं”: NCP अध्यक्ष भरत गंगोत्री का विवादित बयान, समाज में भारी आक्रोश; संतोष पांडे ने माँगी सार्वजनिक माफ़ी

शौर्य टाईम्स रिपोर्टिंग : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शहर अध्यक्ष भरत रजवानी उर्फ गंगोत्री अपने एक हालिया बयान के चलते बड़े विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने आगामी उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) चुनाव को लेकर उत्तर भारतीय समुदाय के संभावित महापौर उम्मीदवार के संबंध में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने शहर का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है और समाज में भारी रोष उत्पन्न कर दिया है।
🗣️ क्या था भरत गंगोत्री का विवादित बयान?
एक इंटरव्यू के दौरान भरत रजवानी उर्फ गंगोत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि, “यदि आने वाली उल्हासनगर महानगरपालिका का महापौर उत्तर प्रदेश या बिहार से बनता है, तो मैं उस चीज़ का समर्थन नहीं करूँगा।”
भारत गंगोत्री के इस बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किस आधार पर उन्होंने ऐसी आशंका व्यक्त की और किस उत्तर भारतीय या बिहारी नेता से उन्हें इतना डर महसूस हो रहा है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐसा बयान दिया।
😡 उत्तर भारतीय समाज का कड़ा विरोध और माफी की मांग
भारत गंगोत्री के इस बयान से शहर के उत्तर भारतीय, बिहारी और हिंदी भाषी समाज में तीव्र नाराजगी दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में, हिंदी भाषी फाउंडेशन के अध्यक्ष और भावी नगर सेवक संतोष पांडे ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर गंगोत्री को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
हिंदी भाषी फाउंडेशन अध्यक्ष संतोष पांडे ने दी चेतावनी:
संतोष पांडे ने कड़े शब्दों में कहा, “भरत रजवानी उर्फ गंगोत्री को हमारे समाज के खिलाफ की गई इस आपत्तिजनक बयानबाजी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी ही पड़ेगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गंगोत्री को इस तरह के बयान देने के पीछे के कारण स्पष्ट करने होंगे।
आगे की रणनीति बताते हुए संतोष पांडे ने आगामी चुनावों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि, “आने वाले चुनावों में उत्तर भारतीय, बिहारी और मुस्लिम समाज एकजुट होकर उन्हें (गंगोत्री) उनकी औकात दिखा कर ही रहेगा।”
यह विवाद उल्हासनगर की राजनीति में एक नया मोड़ ले आया है और स्थानीय चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।






