उल्हासनगर पीडब्ल्यूडी टेंडर प्रक्रिया में छोटे ठेकेदारों के साथ भेदभाव का आरोप, जांच की मांग।

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगरपालिका (उमनपा) के पीडब्ल्यूडी विभाग पर टेंडर प्रक्रिया में छोटे और बड़े ठेकेदारों के बीच पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगा है। मानव शक्ति (एनजीओ) के अध्यक्ष कुमार मेघवानी ने इस मामले को उजागर करते हुए उमनपा आयुक्त, राज्य के मुख्यमंत्री, पीडब्ल्यूडी विभाग के मुख्य सचिव, एसीबी ठाणे और मुंबई को शिकायत पत्र सौंपा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उमनपा पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा छोटे-छोटे कार्यों को जोड़कर बड़े टेंडर बनाए जा रहे हैं, जिससे छोटे और मध्यम ठेकेदारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। मेघवानी ने कहा कि इस प्रक्रिया से केवल चुनिंदा बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिससे टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
कुमार मेघवानी का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के कुछ अधिकारी बड़े ठेकेदारों के प्रति मेहरबान नजर आ रहे हैं, और इसके कारण कानूनी दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि छोटे कार्यों को जोड़कर बनाए गए बड़े टेंडरों को तुरंत रद्द किया जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले में उमनपा आयुक्त से निवेदन किया गया है कि टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए छोटे ठेकेदारों के साथ हो रहे भेदभाव को रोका जाए। साथ ही, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कथित अवैध गतिविधियों की गहन जांच कर उनके खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं।
इस घटना ने टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस शिकायत पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है।