ArticleBreaking NewsCrime citycriminal offenceExtortion And Illegal BusinessfraudulentGadgetsguidelines CrimeHeadline TodayLifestyleMumbaiNo justicepoliticsSocialUnder DCP Zone-4

ठाणे पुलिस के निशाने पर लेबारा सिम रैकेट, उल्हासनगर से हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां जल्द।

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा

उल्हासनगर में एक बड़े आपराधिक रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जहां एक संगठित गिरोह न केवल अवैध गतिविधियों से आर्थिक लाभ कमा रहा है, बल्कि कुख्यात अपराधियों को पुलिस की पहुँच से दूर रखने के लिए उन्हें सुरक्षित ठिकाने भी उपलब्ध करा रहा है। इस गिरोह का मुख्य हथियार विदेशी लेबारा प्राइवेट सिम कार्ड हैं, जिनके माध्यम से अपराधी, सट्टेबाज और संदिग्ध व्यक्ति अपनी अवैध गतिविधियाँ संचालित कर रहे हैं, जबकि इनकी पहचान छिपी रहती है।

दो से ढाई लाख में बिक रहे हैं प्राइवेट सिम कार्ड

सूत्रों के अनुसार, इन सिम कार्डों की कीमत 2 से 2.5 लाख रुपये तक है और इन्हें भारत में विदेशी नंबर के रूप में उपयोग किया जाता है। पुलिस ने अब इस पूरे नेटवर्क पर अपनी नज़रें टिका दी हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही इस गिरोह के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया जा सकता है।

उल्हासनगर में सक्रिय है हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट

जानकारी के मुताबिक, उल्हासनगर, ठाणे जिले में एक हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट सक्रिय है, जो लेबारा सिम कार्ड का इस्तेमाल कर प्राइवेट नंबरों की बिक्री कर रहा है। इन नंबरों को ट्रेस करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है, और ये प्रीमियम दरों पर बेचे जा रहे हैं। इस गैरकानूनी व्यापार में शहर के कई नामचीन लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के तार बड़े सट्टेबाजों और अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं।

कैसे काम करता है यह रैकेट?

सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह दुबई के माध्यम से यूके-आधारित लेबारा सिम कार्ड भारत में मंगवाता है और उन्हें यहां सक्रिय करता है। एक बार एक्टिव होने के बाद, इन सिम कार्डों की लोकेशन लंदन या अन्य विदेशी स्थानों पर दिखाई देती है, जिससे सट्टेबाजों, अपराधियों और अन्य संदिग्ध लोगों के लिए यह बेहद सुविधाजनक हो जाता है। वे इन सिम कार्डों का इस्तेमाल बिना ट्रैक हुए अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करते हैं।

कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती

इन नंबरों को ट्रैक करना लगभग असंभव है क्योंकि ये भारतीय टेलीकॉम नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि विदेशी नेटवर्क पर कार्य करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उल्हासनगर में निजी नंबरों के इस काले बाजार की शिकायतें ठाणे पुलिस तक पहुंच चुकी हैं और क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस रैकेट में जुड़े कई हाई-प्रोफाइल लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

पुलिस की पैनी नज़र, जल्द होगी बड़ी कार्रवाई

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए रणनीति बना रही है। ठाणे पुलिस और अपराध शाखा इस मामले को लेकर गंभीर है और जल्द ही इस अवैध गतिविधि में संलिप्त लोगों पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Verified by MonsterInsights