उल्हासनगर की सियासत में बड़ा यू-टर्न: पप्पू कलानी का RPI (आठवले) में प्रवेश या सिर्फ दोस्ती? दो घंटे में बदला बयान!

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर: शहर की राजनीति में आज बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। Pappu Kalani की मौजूदगी में Republican Party of India (Athawale) (RPI-आठवले गुट) की एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें उन्हें पार्टी का मफलर पहनाकर और बुके देकर स्वागत किया गया। इस दौरान उनके पक्ष प्रवेश की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम में उल्हासनगर RPI (आठवले) के पूर्व शहर अध्यक्ष नाना बागुल तथा ठाणे जिलाध्यक्ष सुरेश बारसिंघे सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू कलानी ने कहा कि उनका और केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale का पुराना संबंध है। उन्होंने कहा कि,
“आठवले साहब ने मुझे जेल से बाहर आने में पूरी मदद की थी। ‘A friend in need is a friend indeed’ — सच्चा दोस्त वही होता है जो कठिन समय में साथ दे।”
जब पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या उन्होंने औपचारिक रूप से RPI में प्रवेश कर लिया है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा,
“मफलर पहना है ना, तो समझ जाइए… जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।”
दो घंटे बाद बदला सुर – बयान से पलटी
हालांकि, इस घटनाक्रम के करीब दो घंटे बाद पप्पू कलानी ने अपने बयान से यू-टर्न ले लिया। उन्होंने स्पष्ट किया:
- “आरपीआई में मेरा कोई पक्ष प्रवेश नहीं हुआ है।”
- “आरपीआई के साथ मेरे मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।”
- “मेरा और मेरे परिवार का साथ शिवसेना के साथ है।”
उन्होंने आगे कहा कि वह शिवसेना के लिए काम करते रहेंगे और शहर में पार्टी को मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।
जनता में चर्चा और सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
क्या यह महज दोस्ती का प्रदर्शन था या फिर रणनीतिक राजनीतिक संदेश?
क्या आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नई राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं?
उल्हासनगर की जनता अब साफ जवाब की उम्मीद कर रही है।
राजनीतिक पारदर्शिता और स्पष्टता ही लोकतंत्र की मजबूती की पहचान है।



