शौर्य टाईम्स: नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) की महासभा में वर्ष 2026-27 के लिए स्थायी समिति के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत 16 सदस्यीय स्थायी समिति की सूची जारी की गई, जिसमें शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच 8-8 सीटों का समान बंटवारा किया गया है।
यह निर्णय शहर की राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे दोनों प्रमुख दलों को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके।
🏛️ UMC स्थायी समिति का महत्व
उल्हासनगर महानगरपालिका की स्थायी समिति को प्रशासन का सबसे प्रभावशाली अंग माना जाता है।
- 💰 बजट अनुमोदन और खर्चों की निगरानी
- 🏗️ विकास कार्यों (सड़क, पानी, ड्रेनेज) की स्वीकृति
- 📊 टेंडर प्रक्रिया और परियोजनाओं का निर्णय
- ⚖️ नीतिगत और वित्तीय फैसलों पर अंतिम मुहर
👉 आमतौर पर मनपा आयुक्त (Municipal Commissioner) द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी स्थायी समिति ही देती है।
📋 स्थायी समिति के घोषित सदस्य (2026-27)
1.श्री. गायकवाड दिलीप दशरथ
2.श्री. पुरसवानी जमुनादास खुबचंद
3.श्री. भुल्लर राजेंद्रसिंह वीरसिंह
4.श्री. सहोता कलवंत सिंह
5.श्रीमती जया प्रकाश माखिजा
6.श्री. महेश पहिलाजराय सुखरमानी
7.कु. डिंपल कुमारी ठाकुर
8.श्री. खरात विकास रतन
9.श्री. राजेश वधारिया
10.श्रीमती अर्चना करणकाले
11.श्रीमती कविता लाल पंजाबी
12.श्री. रवि जयासी
13.श्री. दीपक (टोनी) सिरवानी
14.श्री. राजेश वानखेड़े
15.श्री. शंकर (शेरी) लुंड
16.श्री. संजय सिंह
⚖️ राजनीतिक समीकरण और आगे की दिशा
इस बार का 8-8 सीटों का फॉर्मूला साफ तौर पर दर्शाता है कि मनपा में सत्ता संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
- 🤝 दोनों दलों के बीच सहमति से निर्णय
- 🗳️ आगामी चुनावों को देखते हुए रणनीतिक कदम
- 🏙️ शहर के विकास कार्यों में संभावित तेजी
🚧 शहरवासियों को क्या होगा फायदा?
- रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद
- प्रॉपर्टी टैक्स, पानी सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
- पारदर्शी और तेज प्रशासनिक निर्णय
👉 कुल मिलाकर, उल्हासनगर मनपा की यह नई स्थायी समिति आने वाले समय में शहर के विकास की दिशा तय करेगी। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि यह समिति कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से काम करती है।

