ArticleAwarenessbhartiya janta partyBreaking NewsCentral HospitalCentral police stationchampionshipCity NewsCMCongressCongress PartyCorruptionCorruption CaseCrimeCrime citycriminal offenceDevendra Fadnavisecologyeknath shindeElectionExtortion And Illegal BusinessfraudulentGadgetsgamblingguidelines CrimeheadlineHeadline TodayLife StyleLifestylelocalitylotteryMedical activitiesnationalNo justicepolicy & Goverancepoliticalpoliticspollution & environmentprotest for justicepublic awarenessPublic hearingreligionRPIRTI ActivistscamShaurya TimesShiv Sena ShindeSocialsportsstrike against lawThaneTOKtrafficTransportation ServicestrendingUlhasnagarUlhasnagar Breaking NewsUlhasnagar CrimeUlhasnagar Crime CityUMC Breaking newsUnder DCP Zone-4vanchitViral VideoVitthal wadiVitthalwadivitthalwadi police station

युवासेना शहर प्रमुख सुशील पवार की बड़ी मांग: उल्हासनगर के सभी IVF और सोनोग्राफी केंद्रों की हो तत्काल जांच!

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा

उल्हासनगर: ठाणे जिले में हाल ही में सामने आए ‘स्त्री-बीज’ (Egg Cell) बिक्री के चौंकाने वाले मामले और अवैध तरीके से चल रहे IVF केंद्रों के खुलासे के बाद अब युवासेना शहर प्रमुख सुशील पवार ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उल्हासनगर महानगरपालिका की महापौर को पत्र लिखकर शहर के सभी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

बदलापुर में स्त्री-बीज बिक्री के तार ठाणे के बड़े अस्पतालों से जुड़े होने की बात सामने आई है। इसी पृष्ठभूमि में, ठाणे जिले के कई सोनोग्राफी केंद्रों में PCPNDT कानून के उल्लंघन, ‘फॉर्म-एफ’ (Form-F) भरने में गड़बड़ी और अवैध लिंग परीक्षण (Gender Determination) के संदेह में विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है।


इसी की तर्ज पर, सुशील पवार और युवासेना के पदाधिकारियों ने मांग की है कि उल्हासनगर में भी स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सक्रिय होना चाहिए ताकि महिला सुरक्षा और कन्या भ्रूण संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।

युवासेना की प्रमुख मांगें:

  • सघन निरीक्षण: उल्हासनगर के सभी सोनोग्राफी, IVF और डायग्नोस्टिक सेंटर्स की तत्काल और सघन जांच की जाए।
  • दस्तावेजों की पड़ताल: हर केंद्र पर ‘फॉर्म-एफ’ की रिकॉर्ड की बारीकी से जांच हो और वैध पंजीकरण (Registration) की पुष्टि की जाए।
  • कठोर कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटर्स पर न केवल जुर्माना लगाया जाए, बल्कि उन्हें सील कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • पारदर्शिता: स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए महापौर स्वयं इस विषय में हस्तक्षेप करें।

अतिरिक्त जानकारी: क्या है PCPNDT एक्ट?

भारत में गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT) Act, 1994 लागू किया गया था।

1.प्रतिबंध: इसके तहत गर्भधारण से पूर्व या बाद में लिंग चयन और लिंग परीक्षण पूरी तरह से अवैध है।

2.अनिवार्यता: हर सोनोग्राफी मशीन का पंजीकरण अनिवार्य है और प्रत्येक गर्भवती महिला का ‘फॉर्म-एफ’ भरना केंद्र के लिए कानूनी बाध्यता है।

3.सजा: इस कानून का उल्लंघन करने पर डॉक्टर और संबंधित व्यक्ति को भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

“महिला सुरक्षा और कन्या भ्रूण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। हम उल्हासनगर में किसी भी प्रकार के अवैध मेडिकल रैकेट को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” — युवासेना प्रतिनिधि मंडल

इस मांग पत्र पर सुशील पवार के साथ शेखर सपकाळे, गौरव भानुशाली, प्रवीण करिरा, रवि वर्मा और अक्षय माडगूळकर के हस्ताक्षर शामिल हैं।

Shaurya Times

🛡️ Shaurya Time’s – Your Voice, Our Questions! A fearless digital news platform focused on public safety, justice, and accountability. We expose: ✅ Ground realities ✅ RTI & official documents ✅ Civic failures & scams ✅ Crime, corruption & cover-ups Bold journalism. Real issues. No compromise. Because awareness is the first step to change. 📢 Shaurya Time’s – Reporting the truth, without fear!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

कंटेंट चुराना पाप है। चुराने की बजाय खुद कंटेंट लिखें।
- नीतू विश्वकर्मा

Verified by MonsterInsights