उल्हासनगर: ‘रीजेंसी प्लाजा’ में 31,600 वर्ग फुट का महा-अवैध निर्माण; प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल!






शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर | डिजिटल डेस्क उल्हासनगर के मुख्य द्वार शांतिनगर (कैंप 3) में स्थित रीजेंसी प्लाजा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। दर्जनों शिकायतों और पिछले रिकॉर्ड्स के बावजूद, इस व्यावसायिक परियोजना में 31,600 वर्ग फुट (2943.7 वर्ग मीटर) का विशाल अनधिकृत निर्माण खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण की एक-एक ईंट रखी जा रही थी, तब उल्हासनगर नगर निगम (UMC) का प्रशासनिक दस्ता आखिर किसकी शह पर सो रहा था?
📍 क्या है ताज़ा मामला?
6 मार्च, 2026 को यूएमसी के नगर नियोजन विभाग ने डेवलपर को एक कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण में पाया गया कि भवन संख्या 1 और 2 की दूसरी मंजिल पर लगभग 31,600 वर्ग फुट का अतिरिक्त अवैध विस्तार किया गया है। साथ ही, स्वीकृत नक्शे के विपरीत जगह के ‘उपयोग’ में भी बड़ा बदलाव किया गया है। प्रशासन ने डेवलपर से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि इस अवैध हिस्से पर पीला पंजा (बुलडोजर) क्यों न चलाया जाए?
⚠️ विवादों और हादसों का पुराना नाता
रीजेंसी प्लाजा का इतिहास नियमों को ताक पर रखने वाला रहा है:
- जुलाई 2025 की ‘रहस्यमयी’ कार्रवाई: अवैध रूप से बने ‘स्काई डोम बैंक्वेट हॉल’ पर विध्वंस की कार्रवाई शुरू तो हुई, लेकिन बीच में ही रुक गई। कुछ ही दिनों बाद वहां फिर से मरम्मत और निर्माण शुरू हो गया, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
- वालधुनी नदी पर अतिक्रमण: नदी के पात्र (फ्लो) में अवैध दीवार बनाकर प्राकृतिक जलप्रवाह से छेड़छाड़ करने के आरोप भी इस संकुल पर लग चुके हैं।
- मौत का साया: 18 अगस्त 2021 को इसी इमारत की छत पर करंट लगने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी का जीता-जागता सबूत है।
- ध्वनि प्रदूषण: स्थानीय निवासियों ने शादी समारोहों में देर रात तक बजने वाले कान फोड़ू संगीत की भी कई बार शिकायतें की हैं।
🔥 जनता का सवाल: प्रशासन का ध्यान क्यों नहीं गया?
निवासियों का आरोप है कि जब एक आम आदमी छोटा सा छज्जा भी निकालता है, तो नगर निगम के अधिकारी तुरंत पहुंच जाते हैं। लेकिन रीजेंसी प्लाजा में हजारों वर्ग फुट का निर्माण होने तक किसी ने इसे क्यों नहीं रोका? क्या यह अधिकारियों और बिल्डर की मिलीभगत है या प्रशासनिक लापरवाही?
“सुरक्षा उपायों को ठेंगा दिखाने वाले इस संकुल में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अवैध निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यहां रहने और आने वाले लोगों की जान के साथ खिलवाड़ भी है।” > — एक जागरूक नागरिक
निष्कर्ष और आगामी कार्रवाई
वर्तमान में यूएमसी ने नोटिस तो जारी कर दिया है, लेकिन शहर की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार वास्तव में दंडात्मक कार्रवाई होगी या हर बार की तरह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।






