उल्हासनगर में आंबेडकर प्रतिमा विवाद गरमाया! एड. कल्पेश माने की अगुवाई में शांतीनगर पुतळा स्थलांतरित समिति का रेलवे स्टेशन पर मुक प्रदर्शन, प्रशासन को दी चेतावनी








शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर, शांतीनगर पुतळा स्थलांतरित समिति ने विठ्ठलवाडी पुलिस स्टेशन में अत्यंत तात्कालिक शिकायत दर्ज कराई है। समिति के संयोजक एडवोकेट कल्पेश माने ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र लिखकर बताया कि उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र के कैंप-३ स्थित शांतीनगर स्मशानभूमि में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा बिना किसी कानूनी अनुमति के अवैध रूप से स्थापित की गई है।
पत्र में समिति ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आंबेडकरी अनुयायियों ने लंबे समय से इस प्रतिमा को उचित अनुमतियों सहित किसी सुरक्षित, सुंदर और सम्मानजनक स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। लेकिन मनपा प्रशासन और जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस उदासीन रवैये के खिलाफ लोक चळवळी के अध्यक्ष राज असरोंडकर ने दो दिन पहले अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है।
समिति ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन अभी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकालता, तो आंबेडकरी अनुयायी कल यानी ३ मार्च को उल्हासनगर रेलवे स्टेशन (पूर्व) के बाहर शांतिपूर्ण मूक निदर्शन (साइलेंट प्रदर्शन) करेंगे। पत्र में लिखा है, “असंवेदनशील सरकार की उदासीनता के चलते हम अपनी नाराजगी जताने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। हम पुलिस प्रशासन से अपील करते हैं कि वे इस मामले में मध्यस्थता करें और हमारी भावनाओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएं। यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा।”
एड. कल्पेश माने ने पत्र के अंत में धन्यवाद देते हुए उम्मीद जताई कि पुलिस इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और शीघ्र समाधान निकालेगी। यह पत्र शांतीनगर पुतळा स्थलांतरित समिति की ओर से जारी किया गया है।
पृष्ठभूमि:
शांतीनगर स्मशानभूमि में आंबेडकर प्रतिमा की अवैध स्थापना का मामला काफी समय से चर्चा में है। स्थानीय आंबेडकरी समाज इसे असम्मानजनक मानता है और बार-बार मांग कर चुका है कि प्रतिमा को उचित स्थानांतरित किया जाए। समिति का कहना है कि बिना अनुमति के स्थापित यह प्रतिमा न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि स्मशानभूमि की पवित्रता को भी प्रभावित कर रही है।
यह घटनाक्रम उल्हासनगर में आंबेडकरी समुदाय की भावनाओं को लेकर उत्पन्न तनाव को दर्शाता है। प्रशासन अब इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान ले, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।





