⚖️ उल्हासनगर में बड़ा राजनीतिक झटका
विक्की दर्शनसिंग लवाना का जाति प्रमाणपत्र हुआ अमान्य, नगरसेवक पद गया
शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगरपालिका में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। महानगरपालिका चुनाव विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रभाग क्रमांक 6-अ (नागरिकांचा मागासवर्ग) से निर्वाचित नगरसेवक विक्की दर्शनसिंग लवाना को पद के लिए अपात्र (Disqualified) घोषित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई जिला जात प्रमाणपत्र पडताळणी समिती, नाशिक द्वारा दिए गए निर्णय के आधार पर की गई है। समिति ने संबंधित जाति प्रमाणपत्र को अवैध (Invalid) घोषित करते हुए उसे रद्द करने का आदेश दिया है।
📌 क्या है पूरा मामला?
उल्हासनगर महानगरपालिका की सार्वत्रिक निवडणूक में विक्की लवाना ने आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर नगरसेवक पद प्राप्त किया था। चुनाव के बाद उनके जाति प्रमाणपत्र की वैधता की जांच जिला जात प्रमाणपत्र पडताळणी समिती, नाशिक के समक्ष की गई।
समिति ने अपने निर्णय में कहा कि:
- प्रस्तुत “बंजारा” जाति प्रमाणपत्र वैध नहीं पाया गया।
- संबंधित प्रमाणपत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
- प्रमाणपत्र सरकार जमा कराया जाए।
इसके बाद महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन ने उन्हें नगरसेवक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
⚖️ प्रशासन का स्पष्ट आदेश
महापालिका आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि:
जाति प्रमाणपत्र अमान्य ठहराए जाने के कारण संबंधित सदस्य महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 10(1-क) के तहत सदस्य पद धारण करने के लिए पात्र नहीं रहते।
यह आदेश 23 मई 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
🏛️ राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस निर्णय के बाद उल्हासनगर की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि समर्थकों की ओर से आगे कानूनी लड़ाई की संभावना जताई जा रही है।
📢 जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश
जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए यह मामला एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि दस्तावेजों की जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🔎 आदेश की मुख्य बातें
✅ नगरसेवक विक्की दर्शनसिंग लवाना अपात्र घोषित
✅ “बंजारा” जाति प्रमाणपत्र अमान्य
✅ जिला जात पडताळणी समिती, नाशिक का निर्णय
✅ महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई
✅ आदेश 23 मई 2026 से लागू
📍उल्हासनगर में अब आगे क्या?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि:
- क्या इस आदेश को अदालत में चुनौती दी जाएगी?
- प्रभाग क्रमांक 6-अ में आगे क्या राजनीतिक समीकरण बनेंगे?
- क्या इस सीट पर पुनः चुनाव होंगे?
उल्हासनगर की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।



