उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा
१९ सितंबर का इंतज़ार हर उल्हासनगर वासी कर रहा है, उल्हासनगर में गणेशउत्सव की धूम शुरू हो चुकी है, उल्हासनगर में ठाणे ज़िले में ठाणे शहर, कल्याण डोंबिवली अम्बरनाथ जैसे बड़े शहरों से भी ज़्यादा गणेशमूर्ति की बिक्री होती है, कारण उल्हासनगर के लोग, विशेषकर उत्सवप्रिय सिंधी समाज भगवान गणेश की स्थापना में अधिक रुचि रखता है, अन्य समाज मे ये प्रथा होती है कि एक परिवार में ५ भाई है तो पिता या बड़े बेटे के घर श्रीगणेश मूर्ति स्थापना होती है, और पुरा परिवार वहीं १० दिन तक दर्शन के लिये एकत्रित होता है, परंतु उल्हासनगर के सिंधी उत्सवप्रिय शिव और गणेशभक्त सिंधी समुदाय के ५ बेटे होंगे तो पिता के घर मे गणेशमूर्ति स्थापन होगी तो अलग रहने वाले ५ बेटों के घर भी स्थापना होगी, भले ही छोटी ही मूर्ती ही क्यु ना हों, और १ दिन के गणेश ही क्यूं ना विराजे, हर घर मे अलग स्थापना ज़रूर होती है, दुकानों में भी अलग से स्थापित होते है भगवान श्री गणेश, इसीलिये उल्हासनगर में ठाणे ज़िला में सबसे अधिक और बड़े पैमाने लाखों गणेशमूर्ति की बिक्री होती है।



