

उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा
एक अवैध मवेशी तस्करी के मामले में उल्हासनगर पुलिस ने 25 सितंबर 2024 को एक टाटा ट्रक (MH-11-AL-4556) को जब्त किया। ट्रक में मवेशियों की निर्दयतापूर्वक बिना किसी अनुमति के तस्करी की जा रही थी। मामले में एफआईआर नंबर 910/2024 के तहत पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(ड), (ह), और (फ) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जानकारी
घटना के शिकायतकर्ता, मनोज रामसूरत गौड (उम्र 35), जो पेशे से कारपेंटर और बजरंग दल के गोरक्षक प्रमुख हैं, ने 25 सितंबर की रात 5 बजे के आसपास मालशेज घाट से कल्याण की ओर जाते हुए एक ट्रक को देखा। ट्रक में मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, और उनके पास परिवहन के लिए आवश्यक परमिट भी नहीं था।
मनोज और उनके साथी मित्र दिकेश पांडे ने उल्हासनगर पुलिस स्टेशन को इस मामले की जानकारी दी। पुलिस द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि ट्रक में कुल 24 मवेशी (मूल्य ₹3,50,000) निर्दयतापूर्वक ठूंस कर बांध दिए गए थे। ये मवेशी कल्याण में बिक्री के लिए ले जाए जा रहे थे।
ट्रक चालक की पहचान संतोष मिलिंद घायतडक (उम्र 34, निवासी जामखेड, अहमदनगर) के रूप में हुई, जबकि क्लीनर का नाम अब्दुलगणी बाबा पठाण (उम्र 46, निवासी बुरा नगर, मिरवली) है। पुलिस ने दोनों को मौके से हिरासत में लिया और ट्रक को भी जब्त कर लिया, जिसकी कीमत लगभग ₹6,00,000 है।
आरोप
एफआईआर के अनुसार, आरोपी बिना परमिट के मवेशियों की तस्करी कर रहे थे। मवेशियों को ट्रक में दयनीय स्थिति में रखा गया था, उन्हें बिना चारे और पानी के अत्यधिक ठूंस कर बांध दिया गया था। यह पूरी घटना पशु क्रूरता अधिनियम के उल्लंघन के तहत आती है।
जांच प्रगति पर
मामले की जांच के लिए उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक सचिन बाबनराव पात्रे को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस इस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

