उल्हासनगर/वडोळगांव: नीतू विश्वकर्मा
वडोळगांव पुल के सामने का मुख्य मार्ग पिछले दो वर्षों से खुदा पड़ा है। न तो काम पूरा हुआ, न ही जनता को राहत मिली — लेकिन ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया है।
इस गंभीर लापरवाही ने एक बार फिर उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
जनता का सब्र अब टूट चुका है — सड़कों पर उभरा आक्रोश
गड्ढों, कीचड़, धूल और बार-बार हो रहे हादसों से परेशान स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी, पालक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक पक्षों के प्रतिनिधि अब एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
28 मई 2025 से गुलराज टॉवर चौक (रेणुका शाखा, संतोषी माता मंदिर के पास) पर सर्वपक्षीय आमरण अनशन शुरू होगा।
प्रमुख नेतृत्वकर्ता:
- गजानन शेळके – पूर्व नगरसेवक, उल्हासनगर महानगरपालिका
- फिरोज खान – सामाजिक कार्यकर्ता
- शिवाजी रगडे – सामाजिक कार्यकर्ता
- सविताताई तोरणे (रगडे) – पूर्व नगरसेविका
- शालिनीताई गायकवाड – सामाजिक कार्यकर्ता
- सुमनताई शेळके – पूर्व नगरसेविका
राष्ट्रवादी कांग्रेस ने दिखाई सख्ती
इस गंभीर मुद्दे पर अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी पदाधिकारियों ने UMC को चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं हुआ, तो पार्टी के कार्यकर्ता भी आमरण अनशन में शामिल होंगे।
जनता पूछ रही है:
“काम अधूरा, पेमेंट पूरा — जिम्मेदार कौन?”
UMC पर उठे सवाल:
- अधूरा काम, फिर भी भुगतान पूरा क्यों?
- ठेकेदार और इंजीनियरों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- स्कूल शुरू होने से पहले यदि सड़क नहीं बनी, तो जिम्मेदारी किसकी?
जनता की मांग है बिल्कुल स्पष्ट:
- काम तुरंत शुरू किया जाए
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
- स्कूली बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली जाए
यह सिर्फ विकास की मांग नहीं है — यह भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का आक्रोश है!
UMC को अब जवाब देना ही होगा, वरना वडोळगांव से उठी चिंगारी पूरे उल्हासनगर में फैलेगी।

