ArticleAwarenessBreaking NewsCentral police stationchampionshipCity NewsCrimeCrime citycriminal offenceecologyExtortion And Illegal Businessfearless goonsfeaturedfraudulentGadgetsguidelines CrimeheadlineHeadline TodayHill line police stationLand MafiaLife StyleLifestylelocalitypolicy & Goverancepoliticalpoliticspollution & environmentprotest for justicepublic awarenessPublic hearingpublic securityRTI ActivistscamShaurya TimesSocialsportsstrike against lawtrendingUlhasnagarUlhasnagar Breaking NewsUlhasnagar CrimeUlhasnagar Crime CityUnder DCP Zone-4Viral VideoVoice of Ulhasnagar

सावधान! मृत व्यक्ति के पुराने पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल कर जमीन हड़पने का मामला दर्ज

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा

उल्हासनगर: उल्हासनगर के हिललाईन पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ जमीन के मालिकाना हक को लेकर जालसाजी की गई। इस घटना ने संपत्ति मालिकों के बीच सतर्कता बरतने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिल लाइन पुलिस स्टेशन में दर्ज फ आई र नंबर २९९/२०२६ के अनुसार, यह मामला अनिल श्रीचंद आहूजा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। आरोप है कि दीरज जेठानी, नंद जेठानी, जगेश रघुनाथ गायकर और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर जालसाजी की।

धोखाधड़ी का तरीका:

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता और चाचा ने वर्ष 2001 में नंद रामचंद जेठानी को जमीन के कामकाज के लिए एक ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ (मुख्तारनामा) दी थी। उनके पिता और चाचा के निधन के बाद यह कानूनी दस्तावेज स्वतः ही रद्द हो गया था।

बावजूद इसके, आरोपियों ने इसी रद्द हो चुके पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग करते हुए:


नगर भूमापन कार्यालय (सिटी सर्वे ऑफिस), उल्हासनगर-5 में 21 मार्च 2022 को आवेदन किया।
इसके माध्यम से सर्वे नंबर 131/क (क्षेत्र 25 गुंठे, मौजे शहाड गाँव) का सर्वे करवाया।
13 मई 2022 तक इस जमीन का कब्जा हासिल कर लिया, जिससे शिकायतकर्ता और शासन को धोखा दिया गया।

पुलिस कार्रवाई:

हिललाईन पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं (420, 465, 467, 468, 471, 426, 34) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

जनहित में महत्वपूर्ण सलाह (Public Awareness Note):

इस घटना से स्पष्ट है कि संपत्ति संबंधी मामलों में सावधानी अत्यंत आवश्यक है:


दस्तावेजों की वैधता जाँचें: यदि आपने किसी को कोई अधिकार पत्र (Power of Attorney) दिया था, तो संबंधित व्यक्ति के निधन या अन्य परिस्थितियों में उसे कानूनी रूप से तुरंत निरस्त (Revoke) करवाएं।


नियमित निगरानी: अपनी अचल संपत्ति (जमीन/मकान) के रिकॉर्ड और सर्वे रिपोर्ट की समय-समय पर सरकारी दफ्तरों से जांच करते रहें।


सतर्कता: कोई भी संदिग्ध गतिविधि या सरकारी कार्यालय से नोटिस मिलने पर तुरंत कानूनी सलाह लें।


(अस्वीकरण: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। कृपया नवीनतम कानूनी अपडेट के लिए आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड देखें।)

Shaurya Times

🛡️ Shaurya Time’s – Your Voice, Our Questions! A fearless digital news platform focused on public safety, justice, and accountability. We expose: ✅ Ground realities ✅ RTI & official documents ✅ Civic failures & scams ✅ Crime, corruption & cover-ups Bold journalism. Real issues. No compromise. Because awareness is the first step to change. 📢 Shaurya Time’s – Reporting the truth, without fear!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

कंटेंट चुराना पाप है। चुराने की बजाय खुद कंटेंट लिखें।
- नीतू विश्वकर्मा

Verified by MonsterInsights