⚡ ब्रेकिंग: स्मार्ट मीटर के खिलाफ मनसे ने किया हमला, उल्हासनगर में धरना-प्रदर्शन
“बिना ग्राहक की सहमति के मीटर लगाया तो ‘मनसे स्टाइल’ में होगी कार्रवाई” – बंदू देशमुख

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने महावितरण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उल्हासनगर में 48 घंटे के भीतर स्मार्ट मीटर लगाने की चेतावनी के बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने बुधवार को महावितरण के कार्यकारी अभियंता (उल्हासनगर-3) के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से अवैध, मनमाना और न्यायालय के आदेश का उल्लंघन बताया।
🔥 मनसे का मुख्य आरोप:
· बिना लिखित सहमति के मीटर नहीं लग सकता: पार्टी का कहना है कि मुंबई उच्च न्यायालय (जनहित याचिका WP 5591/2023) के स्पष्ट निर्देश के अनुसार, बिना ग्राहक की लिखित सहमति के स्मार्ट मीटर लगाना गैरकानूनी है।
· 48 घंटे की नोटिस अमान्य: MERC विद्युत आपूर्ति संहिता 2021 के तहत मीटर बदलने के लिए कम से कम 15 दिन की लिखित पूर्वसूचना जरूरी है। सिर्फ SMS या WhatsApp से 48 घंटे की नोटिस कानूनी तौर पर मान्य नहीं है।
· बिजली बिल में उछाल: स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई ग्राहकों के बिजली बिल में दो से चार गुना तक वृद्धि हुई है।
· बिजली कटौती पर सवाल: जहां एक तरफ महावितरण बिल न भरने पर तुरंत कनेक्शन काट देता है, वहीं दूसरी तरफ शहर में बार-बार बिजली कटौती से मरीज, छात्र, बुजुर्ग और वर्क फ्रॉम होम करने वालों का जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है।
💬 बंदू देशमुख का बयान (मनसे जिलाध्यक्ष, कल्याण लोकसभा):
“महावितरण के अधिकारी और कर्मचारी ग्राहकों से उद्दंड व्यवहार करते हैं। बिल देरी से जमा हुआ तो तुरंत दंड और ब्याज वसूलते हैं, लेकिन अपनी सेवाओं में सुधार करने को तैयार नहीं हैं। अगर ग्राहक की लिखित सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का कोई प्रयास किया गया, तो हम ‘मनसे स्टाइल’ में कार्रवाई करेंगे। उसके बाद होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी महावितरण की होगी।”
📌 धरने में उपस्थित प्रमुख कार्यकर्ता:
इस मौके पर मनसे जिलाध्यक्ष बंदू देशमुख, धनंजय गुरव, सचिन बेंडके, मुकेश सेठपलानी, नटवर वसिटा, अक्षय धोत्रे, कैलास घोरपडे, प्रशांत सांगाळे, संजय नार्वेकर, विशाल रामनानी, संकेत शिंदे, अनिल गोधडे, सुहास बनसोडे, अशोक गरड, संदीप गरड, निर्मल मायकल, जाफर शेख, अमोल पाटील, आशिष ठोरात, सचिन शिरसाट, लड्डन रेन सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
📢 आगे की चेतावनी:
मनसे ने साफ कर दिया है कि अगर महावितरण ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो पार्टी अचानक बिजली कटौती की तरह ही अचानक कार्यालयों में ‘मनसे स्टाइल’ में आंदोलन करेगी। साथ ही, इस मामले की शिकायत निम्नलिखित प्राधिकरणों से भी की जाएगी:
1. महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC), मुंबई
2. ग्राहक शिकायत निवारण मंच
3. संबंधित पुलिस स्टेशन (मध्यवर्ती, विठ्ठलवाडी, हिललाइन)
📄 प्रति भेजी गईं प्रमुख प्राधिकरणां:
· मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य
· ऊर्जा मंत्री, महाराष्ट्र राज्य
· मुख्य अभियंता, तेजश्री भवन, कल्याण
· पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-4, उल्हासनगर
· सहायक पुलिस आयुक्त, उल्हासनगर-3
⚠️ मनसे का स्पष्ट संदेश:
“ग्राहक ही भगवान नहीं, बल्कि ग्राहक का अधिकार भी भगवान के समान है। बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश न करें, वरना परिणाम भुगतने को तैयार रहें।”
क्या महावितरण अब अपनी नीति बदलेगा या मनसे के इस आक्रामक रुख के बाद तनाव बढ़ेगा? फिलहाल, उल्हासनगर में बिजली विभाग और राजनीतिक पार्टी के बीच यह टकराव और गहराता दिख रहा है।






