उल्हासनगर में प्रस्तावित आंदोलन स्थगित: प्रशासन की पहल और दोनों समाजों के संयम से बनी शांति

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
बजरंग दल ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की, मुस्लिम समाज ने भी अनशन समाप्त किया
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, अंबरनाथ जिला द्वारा 23 जून 2026 को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की गई है। संगठन के अनुसार, उल्हासनगर महानगरपालिका के समक्ष मुस्लिम समाज द्वारा चलाया जा रहा अनशन समाप्त किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। संगठन ने इसे हिंदू समाज की एकता एवं जनभावनाओं की विजय बताया है।
बजरंग दल की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि “प्राचीन शिव मंदिर के सम्मान में, बजरंग दल मैदान में” के संकल्प के साथ आंदोलन की तैयारी की गई थी, किंतु वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसे स्थगित किया गया है।
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि आंदोलन और अनशन को समाप्त करने का निर्णय प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के अनुरोध पर तथा आगामी मुहर्रम के मद्देनज़र शहर में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुस्लिम समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों अब्दुल गफ्फार, अनिल सिन्हा तथा अन्य नागरिकों ने पुलिस प्रशासन के प्रयासों का समर्थन करते हुए आंदोलन को स्थगित करने में सहयोग दिया। हालांकि समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विवादित विषय पर वे अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे।
प्रशासन की भूमिका रही महत्वपूर्ण
शहर में किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो तथा दोनों समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने लगातार संवाद और समन्वय की भूमिका निभाई। इस पूरी प्रक्रिया में एसीपी अमोल कोहली तथा डीसीपी सचिन गोरे (जोन-4) का विशेष योगदान माना जा रहा है।
शांति और कानून का सम्मान सर्वोपरि
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी दोनों समुदायों द्वारा संयम और समझदारी का परिचय देने का स्वागत किया है। वर्तमान स्थिति में शहर में शांति बनी हुई है और प्रशासन नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है।
संदेश:
लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी विवाद का समाधान कानून, संवाद और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। दोनों समुदायों द्वारा शांति और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देना शहर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।



