बड़ी खबर: उल्हासनगर महानगरपालिका का डिजिटल अवतार! अब ‘e-HRMS’ से आएगी कामकाज में रफ्तार और पारदर्शिता


शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) ने सुशासन और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शासन के १५० दिनों के सेवाकर्मी कार्यक्रम के तहत, अब नगर निगम के पूरे कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए ‘e-HRMS’ (Electronic Human Resource Management System) प्रणाली को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है।
आज महानगरपालिका के महासभा सभागार में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें इस नई तकनीक के इस्तेमाल और फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
क्या है e-HRMS और इससे क्या बदलेगा?
इस प्रणाली के आने से नगर निगम का आंतरिक प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अल्टीमेट इंटीग्रेटेड सॉल्यूशन के प्रतिनिधि श्री महेश खारुडे ने इसके मुख्य पहलुओं पर प्रकाश डाला:
- डिजिटल उपस्थिति: अब कर्मचारियों की हाजिरी और छुट्टी की मंजूरी पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
- दावे और लाभ: कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य लाभों की गणना (Calculation) और भुगतान (Payment) अब बिना किसी मानवीय देरी के सीधे सिस्टम से होगा।
- पेंशन प्रबंधन: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
- My UMC App: प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए निगम के आधिकारिक ‘My UMC’ ऐप के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपायुक्त (मुख्यालय) श्रीमती दीपाली चौगुले, उपायुक्त श्रीमती स्नेहा करपे, उपायुक्त एवं निगम सचिव श्री अनंत जवादवार, सहायक आयुक्त एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री अजय साबले, और सहायक आयुक्त श्री विशाल कदम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
“प्रशासनिक कार्यों में सुसंगतता लाने और कर्मचारियों के सेवा संबंधी मुद्दों को तुरंत हल करने के लिए e-HRMS प्रणाली एक मील का पत्थर साबित होगी। सभी कर्मचारियों को इसे अपनाकर कामकाज में गति लानी चाहिए।”
— श्रीमती दीपाली चौगुले, उपायुक्त (मुख्यालय)
💡 जनहित में विशेष जानकारी: ‘My UMC’ ऐप आपके लिए क्यों है जरूरी?
उल्हासनगर के नागरिकों के लिए भी नगर निगम डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहा है। My UMC App केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी एक सशक्त माध्यम है।
1.घर बैठे भुगतान: नागरिक अपने संपत्ति कर (Property Tax) और जल कर (Water Tax) का भुगतान मोबाइल से कर सकते हैं।
2.शिकायत निवारण: शहर की साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट या सड़कों से जुड़ी समस्याओं की शिकायत सीधे इस ऐप के माध्यम से की जा सकती है।
3.पारदर्शिता: नगर निगम द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और निविदाओं (Tenders) की जानकारी अब आसानी से उपलब्ध है।
डिजिटल उल्हासनगर की ओर बढ़ता यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा, बल्कि आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से भी मुक्ति दिलाएगा।



