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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: मतगणना के साथ समाप्त हुई आचार संहिता, चुनाव आयोग ने जारी किया महत्वपूर्ण निर्देश

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा


मुंबई | विशेष रिपोर्ट- स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम घोषित होते ही हटी आदर्श आचार संहिता

महाराष्ट्र राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 5 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र विधान परिषद की 16+1 स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव-2026 के जिन निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम घोषित हो चुके हैं, वहां आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct – MCC) स्वतः समाप्त मानी जाएगी।


यह निर्देश भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा जारी 2 जनवरी 2024 के व्यापक दिशा-निर्देशों के आधार पर जारी किया गया है।

किन जिलों में जारी हुआ निर्देश?

यह आदेश निम्न निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जारी किया गया है:

🔹पुणे
🔹 अहमदनगर (अहिल्यानगर)
🔹 रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग
🔹 वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली
🔹 ठाणे
🔹 यवतमाल

इन क्षेत्रों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने और परिणाम घोषित होने के बाद आचार संहिता की प्रभावशीलता समाप्त होने की पुष्टि की गई है।

चुनाव आयोग के नियम क्या कहते हैं?

भारत निर्वाचन आयोग की 2 जनवरी 2024 की अधिसूचना के अनुसार:


✅ चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है।
✅ विधान परिषद के चुनावों में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम घोषित होने के साथ ही आचार संहिता समाप्त हो जाती है।
✅ इसके बाद सरकार, स्थानीय निकाय और प्रशासन नियमित प्रशासनिक एवं विकासात्मक निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं।

जनता के लिए इसका क्या अर्थ है?

आचार संहिता हटने के बाद:


✔️ विकास कार्यों को मंजूरी देने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है।
✔️ विभिन्न विभागों की लंबित प्रशासनिक फाइलों पर निर्णय लिए जा सकते हैं।
✔️ स्थानीय निकायों द्वारा नई योजनाओं और कार्यों पर आगे की कार्रवाई संभव होगी।
✔️ चुनावी प्रतिबंधों के कारण रुके हुए कुछ सरकारी निर्णय पुनः गति पकड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार, आदर्श आचार संहिता का उद्देश्य चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखना होता है। परिणाम घोषित होने के बाद इसका हटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है, जिससे शासन और विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होता।

मुख्य बिंदु एक नजर में

📌 5 जून 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने आदेश जारी किया।
📌 विधान परिषद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम घोषित होने के साथ आचार संहिता समाप्त।
📌 भारत निर्वाचन आयोग के 2 जनवरी 2024 के दिशा-निर्देशों का हवाला।
📌 संबंधित जिलों में प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों का मार्ग हुआ साफ।
📌 चुनावी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सामान्य प्रशासनिक कार्य फिर से शुरू होंगे।

जनजागरण संदेश

आचार संहिता का हटना केवल चुनावी प्रतिबंधों की समाप्ति है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता समाप्त हो गई है। नागरिकों को विकास कार्यों, खर्च और प्रशासनिक निर्णयों पर सतत निगरानी बनाए रखनी चाहिए।

Shaurya Times

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