

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर: वित्तीय जगत से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने एक बड़ी रिकवरी कार्यवाही शुरू की है। यह मामला उल्हासनगर स्थित फर्म ‘पिंकू ट्रेडर्स’ (M/S Pinkku Traders) से जुड़ा है। बैंक द्वारा जारी किए गए डिमांड नोटिस के अनुसार, फर्म पर ₹16,64,68,088.53 (सोलह करोड़ चौंसठ लाख अड़सठ हजार अठासी रुपये और तिरपन पैसे) की भारी-भरकम बकाया राशि है।
क्या है पूरा मामला?
बैंक के आधिकारिक दस्तावेजों (1533179.jpg, 1533187.jpg, 1533188.jpg, 1533194.jpg, 1533195.jpg, 1533196.jpg) के अनुसार:
SARFAESI एक्ट: पंजाब नेशनल बैंक ने SARFAESI एक्ट की धारा 13(2) के तहत यह नोटिस जारी किया है।
एनपीए (NPA): फर्म के खातों को 18 मई 2026 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया गया था।
जिम्मेदार पक्ष: इस मामले में प्रदीप वी. किशनानी, रमेश वी. किशनानी (पार्टनर्स) और नेहा पी. किशनानी (गारंटर) के नाम सामने आए हैं। बैंक ने इन सभी को अपनी बकाया राशि चुकाने के लिए 60 दिनों का समय दिया है।
बैंक की चेतावनी: यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो बैंक अधिनियम की धारा 13(4) के तहत संबंधित परिसंपत्तियों को जब्त करने और बेचने का अधिकार रखता है।
व्यापारिक समुदाय के लिए सावधानी और अपील
इस गंभीर वित्तीय स्थिति को देखते हुए, उद्योग जगत के जानकारों और संबंधित पक्षों ने व्यापारियों, निवेशकों और आपूर्तिकर्ताओं को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। यह अपील की गई है कि जब तक यह विवाद पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक संबंधित पक्षों के साथ किसी भी प्रकार का असुरक्षित लेन-देन, वित्तीय सहायता या बड़ा व्यापारिक अनुबंध न करें।
यह घटना वित्तीय पारदर्शिता, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और किसी भी व्यावसायिक सौदे से पहले गहन ‘ड्यू डिलिजेंस’ (Due Diligence) करने के महत्व को रेखांकित करती है। बैंक की इस कार्रवाई ने स्थानीय व्यापारिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है, और यह आम जनता के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी पड़ताल अवश्य करें।
अस्वीकरण: यह समाचार सार्वजनिक रिकॉर्ड और बैंक द्वारा जारी नोटिस के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले उचित कानूनी और वित्तीय परामर्श लें।






